नई दिल्ली:- हर निवेशक की यही ख्वाहिश होती है कि उसके पैसों पर बंपर रिटर्न मिले और कोई जोखिम न रहे. ऐसी ख्वाहिश पूरी करने के लिए न सिर्फ ग्रोथ वाले फंड या स्टॉक पर दांव लगाना पड़ता है, बल्कि उसके सुरक्षित भविष्य को लेकर भी पूरी जानकारी एकत्र करनी पड़ती है. अगर आप भी किसी ऐसे स्टॉक की तलाश में हैं, जिसमें दोनों खूबियां एकसाथ मिलें तो हम आपकी मदद करते हैं.
ऑनलाइन वित्तीय सलाह देने वाली फर्म एडवाइजर खोज के को-फाउंडर द्वैपायन बोस का कहना है कि अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करने जा रहे हैं तो अब लार्ज कैप पर फिर से दांव लगाने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े खिलाड़ी एक्शन में वापस आ गए हैं. सालभर से ज्यादा समय तक डगआउट में बिताने के बाद, लार्ज कैप म्यूचुअल फंड फिर से मैदान में जलवे बिखेरने लगे हैं. निफ्टी 50 ने दिसंबर में जुलाई 2022 के बाद से अपना सबसे अच्छा महीना देखा, जिसमें एनएसई स्मॉल कैप इंडेक्स के 6.4 प्रतिशत बढ़त की तुलना में लार्ज कैप ने लगभग 8 प्रतिशत का रिटर्न दियाा.
क्यों बेहतर हैं लार्ज कैप फंड
लार्ज कैप को इसलिए भी बेहतर माना जाता है कि इसकी बाजार हिस्सेदारी भी अन्य के मुकाबले कहीं ज्यादा है. इन कंपनियों का बीएसई 500 के मुनाफे में 68% और मार्केट कैप में 63% का योगदान है. यह भारत के बाजार पूंजीकरण का करीब एक तिहाई है. इन कंपनियों ने पिछले 25 वर्षों में 14 प्रतिशत से अधिक का चक्रवृद्धि रिटर्न दिया है और इन कंपनियों के आकार को देखते हुए, वे अन्य इक्विटी एसेट क्लास की तुलना में सबसे कम अस्थिर हैं.
सालभर में 35 फीसदी रिटर्न
लार्ज कैप म्यूचुअल फंडों के मजबूत रिटर्न को बड़े पैमाने पर वैश्विक फंडों से खरीदारी, अच्छे वैल्यूएशन और घरेलू राजनीतिक स्थिरता से बढ़ावा मिला है. परफॉरमेंस पर नजर डालें तो निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड लगातार आगे रहा है, जिसने पिछले एक साल में 35% का शानदार रिटर्न दिया है. यह फंड पिछले 16 वर्षों से नंबर 1 स्थान है. इस फंड ने 2007 के बाद से हर साल 12.87 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया, क्वांट, इनवेस्को और जेएम फाइनेंशियल के लार्ज कैप म्यूचुअल फंड ने भी इस दौरान अच्छा फायदा दिया है.
क्यों सुरक्षित है यहां पैसे लगाना
म्यूचुअल फंड के जानकारों का मानना है कि लार्ज कैप में निवेश लगभग हमेशा अच्छा रिटर्न देता है, क्योंकि ये कंपनियां छोटी मोटी चुनौतियों का प्रबंधन करने की बेहतर स्थिति में होती हैं. इसके अलावा लार्ज कैप शेयर छोटे और मिड-कैप शेयरों की तुलना में उचित मूल्यांकन प्रदान करते हैं, इसलिए इनका रिस्क-रिवार्ड बैलेंस ज्यादा बेहतर हो जाता है. दिलचस्प बात ये है कि दुनिया की टॉप-100 लार्ज कैप कंपनियों में भारत की सिर्फ 3 शामिल हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज 36वें, टीसीएस 65वें और एचडीएफसी बैंक 91वें स्थान पर है.
