नई दिल्ली : एक अनुमान के मुताबिक यदि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी में राहत देती है तो भारत का घरेलू उत्पादन 28 फीसदी तक बढ़ सकता है और स्मार्टफोन प्रोडक्शन का मार्केट 82 बिलियन डॉलर तक जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इंपोर्ट ड्यूटी में कमी के बाद प्रीमियम फोन ज्यादा सस्ते होंगे, हालांकि बजट फोन पर इसका कोई ज्यादा असर नहीं होगा।
आगामी आम चुनाव से पहले सरकार अंतरिम बजट की तैयारी कर रही है। एक फरवरी 2024 को अंतरिम बजट पेश होने जा रहा है। इस बजट से देश के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। आगामी बजट को लेकर कहा जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक आइटम सस्ते होंगे, क्योंकि आगामी बजट में सरकार इंपोर्ट ड्यूटी को कम कर सकती है।
कुछ दिन पहले ही ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्टफोन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जा सकता है। रिसर्चर्स के मुताबिक सरकार के इस कदम से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा। यदि वास्तव में ऐसा होता है कि निश्चित तौर पर स्मार्टफोन सस्ते होंगे।
जीटीआरआई रिपोर्ट स्मार्टफोन घटकों पर मौजूदा आयात शुल्क को 7.5% से 10% तक बनाए रखने की सफलता को रेखांकित करती है। जीटीआरआई के अनुसार, इस टैरिफ संरचना ने स्मार्टफोन उत्पादन के लिए शुल्क मुक्त आयात का समर्थन करने, निर्यात को बढ़ावा देने और भारत के स्मार्टफोन बाजार के विकास में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि इन टैरिफों में बदलाव से उद्योग की वृद्धि और दीर्घकालिक विकास के बीच हासिल किया गया नाजुक संतुलन बाधित हो सकता है।
एक अनुमान के मुताबिक यदि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी में राहत देती है तो भारत का घरेलू उत्पादन 28 फीसदी तक बढ़ सकता है और स्मार्टफोन प्रोडक्शन का मार्केट 82 बिलियन डॉलर तक जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इंपोर्ट ड्यूटी में कमी के बाद प्रीमियम फोन ज्यादा सस्ते होंगे, हालांकि बजट फोन पर इसका कोई ज्यादा असर नहीं होगा।
