साल 2024 में बुधवार 14 फरवरी के दिन बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन माता सरस्वती की पूजा विधि-विधान से की जाती है. मां सरस्वती ज्ञान, विज्ञान, कला, संगीत और शिल्प की देवी हैं. अज्ञानता के अधकार को दूर करने के लिए और मन में नया उत्साह भरने के लिए बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की उपासना पूरे देश में की जाती है. स्कूलों में सरस्वती पूजा का आयोजन भी किया जाता है. ऐसे में अगर आप इस दिन मां सरस्वती की पूजा करते हैं तो आपको भी बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद जरूर मिलेगा
.ज्योतिष के अनुसार, बसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना गया है. बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से भी जाना गया है, यानी इस दिन किसी भी शुभ काम को करने के लिए किसी मुहूर्त की जरूरत नहीं होती है. इसलिए बसंत पंचमी के दिन कोई भी शुभ काम किया जा सकता है. ऐसा कहते हैं कि मां सरस्वती की कृपा जिन भी छात्रों पर बन जाती है तो मंद बुद्धि छात्र भी बुद्धिमान बन जाता है. इस दिन ज्योतिष शास्त्र द्वारा बताए कुछ उपाय करने से आपकी पढ़ाई से संबंधित बहुत सी परेशानियां हल हो सकती हैं
.बसंत पंचमी के उपायअगर कुंडली में बुद्ध ग्रह कमजोर हो या पढ़ाई में मन न लगे तो बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजन जरूर करें. माता सरस्वती को हरे फल अर्पित कर उन्हें 11 गरीबों में अवश्य बांटे. ऐसा करने से परिक्षा में सफलता मिलती है और पढ़ाई में मन लगने लगता है.
क्यों मनाई जाती है बसंत पंचमी? जानिए कैसे हुई इसे मनाने की शुरुआतक्यों मनाई जाती है बसंत पंचमी? जानिए कैसे हुई इसे मनाने की शुरुआतबसंत पंचमी के दिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. फिर घर के पास वाले सरस्वती मंदिर में 5 पेंसिल, 5 कॉपी, 5 पेन, 5 फल और 5 पीस मिठाई के साथ घी का दीपक लेकर जाएं. सरस्वती देवी के सामने दीपक जलाकर रखें. फिर 1 पेंसिल, 1 पेन और 1 कॉपी मां को अर्पित करें और बेहतर बुद्धि की प्रार्थना करें. इसके बाद अर्पित की हुई पेन, पेंसिल और कॉपी अपने पास रखकर बाकी 4 पेंसिल, कॉपी और पेन गरीबों में बांट दें
.पढ़ाई में मन लगने के लिए करें ये उपायअगर आपकी पढ़ाई में अक्सर बाधाएं आती हैं और इसकी वजह से आपका पढ़ने में मन नहीं लगता है तो बसंत पंचमी के मां सरस्वती का आराधना पूरे विधि-विधान से करें. इस पावन तिथि पर स्नान-ध्यान के बाद पीले वस्त्र जरूर धारण करें और पीले आसन पर बैठकर मां सरस्वती की आराधना करें. पूजा के बाद देवी सरस्वती को पीले फूल-फल अर्पित करें.सभी तरह के ज्ञान, बुद्धि, ऐश्वर्य और सफलता के लिए बसंत पंचमी के दिन बहुत लाभदायी माना गया है.
अगर प्रतियोगिता, परिक्षा में सफलता आदि को लेकर आपकी कोई मनोकामना है तो इस दिन स्नान-ध्यान के बाद मां सरस्वती के चरणों में पीले फूल चढ़ाएं.याद करने की शक्ति बढ़ाने के लिए उपायज्ञान की देवी मां सरस्वती से अगर आप अच्छी बुद्धि और स्मरण शक्ति का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो बसंत पंचमी के दिन उनकी पूजा के दौरान प्रसाद में बूंदी चढ़ाना न भूलें. मान्यता है कि माता सरस्वती को बूंदी का प्रसाद बेहद प्रिय है.मां सरस्वती की पूजा में केसर और पीले चंदन का विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है. ज्योतिषशास्त्र में इसे गुरु से संबंधित कहा गया है. इन दोनों चीजों को देवी को चढ़ाने से पढ़ाई की बाधा भी दूर होती है.
