*दिल्ली:-* आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. जिसमें कई घोषणाएं की गईं, इस बजट में सभी का ध्यान रखने की कोशिश की गई है. कृषि क्षेत्र पर भी बजट में काफी फोकस किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि डेयरी किसानों के लिए एक व्यापक कार्यक्रम बनेगा. *वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा* कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मिल्क प्रोड्यूसर है. लेकिन यहां दुधारू पशु की उत्पादकता नहीं है. उन्होंने कहा कि डेयरी किसानों की सहायता के लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार होगा. साथ ही खुरपका रोग को नियंत्रित करने के प्रयास पहले से चल रहे हैं. वित्त मंत्री ने आगे कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है लेकिन देश में दुधारू पशुओं की दुग्ध उत्पादकता कम है. ये कार्यक्रम राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन और डेयरी प्रसंस्करण एवं पशुपालन के लिए अवसंरचना विकास निधि जैसी मौजूदा योजनाओं की सफलताओं पर आधारित होगा.*सीफूड का निर्यात दोगुना*इसके अलावा वित्त मंत्री ने मत्स्य संपदा को लेकर कहा कि हमारी सरकार ही थी जिसने मछुआरों की सहायता करने के महत्व को समझा और अलग मत्स्यपालन विभाग की स्थापना की. जिसके बाद से इनलैंड और जल कृषि उत्पादन दोगुना हो गया है. साल 2013-14 से सीफूड का निर्यात भी दोगुना हो गया है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कार्यान्वयन को बढ़ावा दिया जाएगा.*11.8 करोड़ किसानों को मदद*वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि नैनो यूरिया को सफलतापूर्वक अपनाए जाने के बाद सभी कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी का प्रयोग होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 11.8 करोड़ किसानों को सरकारी मदद दी गई है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के माध्यम से करोड़ों किसानों को रकम सीधी ट्रांसफर की जा रही है. पीएम किसान योजना का देशभर के अन्नदाता लाभ पा रहा हैं. साथ ही पीएम फसल योजना का लाभ चार करोड़ किसानों को दिया जा रहा है।
