: सनरूफ, कारों में पॉपुलर फीचर के तौर पर ऊभरी है, जो अंदर बैठे लोगों को खुले आसमान का एक्सपीरियंस देती है. लेकिन, कुछ लोगों को लगता है कि सनरूफ होने से कार की स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ कम हो जाती है, जिससे सेफ्टी कॉम्प्रोमाइज होती है. क्या यह सच है? आइए, इसके बारे में समझते हैं ताकि आपको कोई कन्फ्यूजन ना रहे.स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ क्या है?
स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ, जिसे हिंदी में संरचनात्मक मजबूती भी कहा जाता है. यह किसी चीज (या स्ट्रक्चर) की मजबूती या भार सहने की क्षमता होती है. जब कार के संदर्भ में स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ की बात होती है तो असल में उसके ढांचे की मजबूती की बात हो रही होती है, जो किसी भी हादसे के दौरान कार में बैठे लोगों की सेफ्टी में बड़ा रोल निभाती है
क्या सनरूफ स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ कम करता है?सनरूफ देने के लिए कार की रूफ से मेटल के कुछ हिस्से को हटाकर उसकी जगह ग्लास दिया जाता है. ऐसे करने पर कुछ हद तक स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ कम हो सकती है लेकिन कार कंपनियां इस चीज पर ध्यान देती हैं जब सनरूफ ऑफर करती हैं तो स्ट्रक्चर के पिलर्स को एक्सट्रा स्ट्रेंथ देती हैं ताकि कार की ओवरऑल सेफ्टी पर कोई असर न पड़े या फिर काम से कम असर पड़े
.आफ्टर मार्केट सनरूफ से बचेंहालांकि, अगर आप कार में आफ्टर मार्केट सनरूफ इंस्टॉल कराते हैं तो वहां पर कार की स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ घट जाती है क्योंकि यहां सिर्फ रूफ से मेटल शीट को काटकर ग्लास लगाया जाता है जबकि पिलर्स को एक्स्ट्रा स्ट्रेंथ देने के लिए कोई उपाय नहीं किए जाते. इससे किसी हादसे के दौरान सेफ्टी कॉम्प्रोमाइज हो सकती है. इसीलिए, कार में आफ्टर मार्केट सनरूफ लगवाने से बचना चाहिए.
