नई दिल्ली:- राज्य सरकार द्वारा पेंशनर्स लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। जिसके तहत तक उन्हें पेंशन का लाभ दिया जाएगा।
महिलाओं के साथ अब पुरुष भी पेंशन पाने के हकदार होंगे। इतना ही नहीं महिलाओं और पुरुषों को 60 वर्ष की बजाय 50 वर्ष से ही पेंशन का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार के फैसले से आम जनता को बडी राहत मिलेगी।
पेंशन आयु में कटौती
राज्य में 50 वर्ष से अधिक महिलाओं को वृद्धा पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही 50 वर्ष से अधिक आयु की अनुसूचित जाति जनजाति के पुरुषों को भी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।
पूर्व में वृद्धा पेंशन 60 वर्ष की आयु के बाद मिलती थी लेकिन अभी इसे घटाकर 50 वर्ष कर दिया गया है। नियम में संशोधन होने के साथ अब 50 वर्ष की महिलाएं भी इसके लिए पत्र होगी।
अब यह भी होंगे लाभान्वित
मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना से प्रति महीने ₹1000 महिलाओं और पुरुषों के खाते में पेंशन के रूप में दिए जाएंगे। महिला बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इसके लिए पत्र जारी कर दिया गया है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी वर्गों की महिलाओं सहित अनुसूचित जाति और जनजाति के पुरुषों को भी आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करने के लिए यह कदम उठाए जा रहा है। ऐसे में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े पुरुष भी पेंशन योजना के पात्र होंगे।
यह दस्तावेज जरुरी
झारखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति के पुरुष लाभुकों को आवेदन के साथ आधार कार्ड सहित अन्य कागजात को जमा करना अनिवार्य होगा।
इस मामले में जिला सामाजिक सुरक्षा संघ पलामू के शेखर कुणाल, सहायक निदेशक ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन में 50 साल की महिला एससी एसटी पुरुषों को वृद्धावस्था पेंशन देने का निर्णय लिया है।
इसके तहत लाभुकों का आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छाया प्रति सहित जाति प्रमाण पत्र की छाया प्रति जमा करेंगे। इसके बाद उन्हें पेंशन का लाभ दिया जाएगा।
ऐसे में झारखंड में 50 वर्ष से अधिक की सभी वर्गों की महिलाओं सहित अनुसूचित जनजाति और जाति के पुरुषों को सरकार हर महीने ₹1000 वृद्धावस्था पेंशन के रूप में उनके खाते में जमा करेगी।
