नई दिल्ली: जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी अभी सोनी के साथ मर्जर डील टूटने के सदमे से उबरी भी नहीं थी कि मार्केट रेगुलेटर सेबी ने उसकी चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेबी ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के खातों से 24 करोड़ डॉलर यानी 19,89,28,44,000 रुपये मिसिंग हैं। सेबी की जांच में सामने आया है कि कंपनी से करीब 24.1 करोड़ डॉलर डाइवर्ट किए गए हैं । सेबी के जांचकर्ताओं ने शुरुआत में जो अनुमान लगाया था, यह राशि उससे करीब दस गुना है। सेबी ने इस बारे में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें कंपनी के फाउंडर सुभाष चंद्रा और उनके पुत्र पुनीत गोयनका शामिल हैं।
साथ ही कुछ बोर्ड मेंबर्स से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।जी के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सेबी को सभी तरह की जानकारी देने की प्रक्रिया में है। सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका के खिलाफ सेबी की जांच के कारण सोनी और जी के बीच डील आगे नहीं बढ़ पाई। दोनों कंपनियों के बीच 2021 में डील हुई थी। इसके मुताबिक गोयनका को मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी का सीईओ बनाया जाना था लेकिन सेबी की जांच के कारण सोनी इसे लेकर सहज नहीं थी। आखिरकार उसने जनवरी में इस डील को टाटा कह दिया। इस बीच मंगलवार को खबर आई थी कि जी एक बार फिर से सोनी के साथ डील की संभावना टटोल रही है। इससे कंपनी के शेयरों में कल काफी तेजी देखी गई थी।
सेबी की रोकसेबी ने पिछले साल अगस्त में जी के फाउंडर्स सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका के किसी भी लिस्टेड कंपनी में एग्जीक्यूटिव या डायरेक्टर बनने पर रोक लगा दी थी। सेबी ने अपनी जांच में पाया था कि चंद्रा और गोयनका ने अपनी पोजीशन का दुरुपयोग किया था और अपने फायदे के लिए फंड्स का गबन किया था। जी ने सेबी के इस आदेश के खिलाफ हायर अपीलेट अथॉरिटी में अपील की थी और अक्टूबर में उसे राहत मिली थी। अपीलेट अथॉरिटी ने सेबी की जांच के दौरान गोयनका को एग्जीक्यूटिव पोजीशन होल्ड करने की अनुमति दी थी।
