: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का बहुत बा महत्व है. महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस बार 8 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन व्रती व्रत रख कर भगवान शिव जैसे वर पाने की इच्छा रखती हैं. वहीं महादेव के कुछ भक्त महाशिवरात्रि से पहले यदि घर में शिवलिंग स्थापित करने के बारे में विचार बना रहे हैं तो उससे पहले इसके प्रभाव के बारे में जरूर जान लें.दरअसल शिवलिंग को घर के मंदिर में स्थापित करने पर कई ऐसे प्रभाव घर के सदस्यों पर पड़ते हैं जो उनके जीवन में भूचाल मचा सकते हैं. ऐसे में आइए विस्तार में जानते हैं कि क्या घर में शिवलिंग स्थापित करना चाहिए या नहीं और इसके प्रभाव क्या हैं!
सबसे पहले जान लें कि भगवान शिव को संहारकर्ता माना जाता है. भगवान शिव त्रिदेव में से विनाश के लिए जाने जाते हैं. वह शून्य का प्रतीक हैं. भगवान शिव मृत्यु और विनाश के लिए जाने जाते हैं. यही वजह है कि घर में शिवलिंग नहीं रखना चाहिए.शिवलिंग के बजाय घर के मंदिर में रखें शिव परिवारयदि कोई व्यक्ति शिवलिंग रखना चाहता भी है तो उसकी जगह शिव परिवार की तस्वीर मूर्ति रखनी चाहिए. ऐसा करने से घर के सदस्यों में एकता बनी रहती है. वहीं जिन लोगों की शादी नहीं हुई है और वह सौलह सोमवार का व्रत रखती हैं तो उन्हें शिव परिवार की मूर्ति 3 इंच से ज्यादा बड़ी घर में नहीं रखनी चाहिए.
कौन रख सकता है शिवलिंगबता दें कि जिन लोगों सन्यासी जीवन जीना है या कभी भी जीवन में शादी नहीं करनी है तो वो लोग शिवलिंग को रख सकते हैं. दरअसल शिव खुद ही बैरागी माने जाते हैं. इसलिए जो लोग शिव की राह पर चलना चाहते हैं वहीं लोग उनके शिवलिंग को रख सकते हैं. गृहस्थ जीवन में ऐसा करने की गलती कभी ना करें वरना यह परिवार में विनाश का कारण बन सकता है.(
