*भोपाल:-* भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने शनिवार 9 मार्च को कहा कि राहुल गांधी के कद के नेता को आगामी लोकसभा चुनाव में ऐसी सीट से चुनाव लड़ना चाहिए जहां वह सीधे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दे सकें. बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि यह तय करना कांग्रेस का विशेषाधिकार है कि वह किस सीट से किसे खड़ा करेगी. डी राजा की यह टिप्पणी ठीक कांग्रेस के शुक्रवार 8 मार्च को की गई राहुल गांधी के केरल के वायनाड सीट से चुनाव लड़ाने की घोषणा के अगले दिन आई है. राहुल गांधी वायनाड सीट से वर्तमान सांसद हैं. वहीं, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की तरफ से डी राजा की पत्नी और भाकपा नेता को वायनाड से उम्मीदवार बनाया गया है. राहुल को वायनाड से उम्मीदवार बनाने के कांग्रेस के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर राजा ने कहा, ”एलडीएफ के तहत भाकपा को चुनाव में 4 सीटें मिली हैं और वायनाड उनमें से एक है इसलिए हमने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. *राहुल गांधी किसी राज्य के नहीं बल्कि राष्ट्रीय नेता*दूसरी बात है कि यह किसी भी राजनीतिक दल का विशेषाधिकार है कि वह किस निर्वाचन क्षेत्र से किसे उम्मीदवार बनाए. इस मामले में यह कांग्रेस का विशेषाधिकार है. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी किसी राज्य के नेता नहीं बल्कि राष्ट्रीय नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष हैं. राहुल गांधी का कद इतना बड़ा है कि उन्हें किसी ऐसी सीट से चुनाव लड़ना चाहिए, जहां सीधे बीजेपी से मुकाबल हो. *वायनाड से चुनाव लड़ लोगों को क्या संदेश दे रहे राहुल गांधी*भाकपा नेता ने कहा, राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ा यात्रा’ आयोजित की. यह अच्छी थी और हम सभी ने इसका स्वागत किया. वह कहते रहे हैं कि बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा लोगों के बीच वैमनस्यता, फूट और समाज में विभाजन के लिए जिम्मेदार है. अब वह न्याय यात्रा निकाल रहे हैं…कौन लोगों से न्याय नहीं कर रहा है? यह बीजेपी-आरएसएस गठबंधन की विचारधारा है. राजा ने पूछा, ”यदि ऐसा है तो वह वायनाड से चुनाव लड़ते वक्त लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं?” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए कि वे किसे अपना प्रमुख लक्ष्य मानते हैं, बीजेपी को या वाम दल को. *हर कोई बिहार में हो रहे विकास से डरा हुआ*बिहार में स्थिति पर राजा ने कहा, न केवल अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बल्कि हर कोई बिहार में हो रहे विकास से डरा हुआ है. मैं हाल में एक रैली में भाग लेने के लिए बिहार गया था. यह विशाल रैली थी, लाखों की संख्या में लोग आए थे और उन्होंने एक संदेश दिया. बीजेपी ने नीतीश कुमार को अपने पाले में ले लिया है लेकिन लोगों की बिहार तथा भारत की रक्षा करने को लेकर बहुत स्पष्ट राय है. वे लड़ने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं.उन्होंने आरोप लगाया, अमित शाह, मोदी लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. वे देश के अन्य हिस्सों में जाति सर्वेक्षण के लिए राजी क्यों नहीं हो रहे हैं जहां उनकी सरकारें हैं? अमित शाह और मोदी के पास लोगों की आजीविका के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है.*कई राज्यों में सीट शेयरिंग को लेकर समस्या बरकरार*जम्मू कश्मीर में विपक्षी दल ‘इंडिया गठबंधन’ के साझेदारों नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर राजा ने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि पीडीपी और नेकां के बीच सीधा टकराव है. सीटों के बंटवारे को लेकर समस्याएं हैं. दूसरे राज्यों में भी सीटों के बंटवारे की समस्याएं हैं. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक में सीटों का बंटवारा तय नहीं हुआ है. उत्तर प्रदेश में कुछ सहमति बनी है, लेकिन यह कैसे होगा, इसे देखना होगा. हर पार्टी के अपने हित होंगे, इसके बारे में बात करने और इसे हल करने की आवश्यकता है.*कांग्रेस की पहली सूची में 39 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान*आपको बता दें कि कांग्रेस की ओर से आगामी लोकसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को 39 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की गई थी. इस लिस्ट में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई अन्य सीनियर नेताओं के नाम भी शामिल किए गए. कांग्रेस किसी तरह से एक सीट को भी खोने देना नहीं चाहती है. इसलिए उसने अपने कई कद्दावर नेताओं को लोकसभा चुनाव लड़ने को मैदान में उतारा है।
