*भोपाल:-* रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध की आखिरी तारीख 15 मार्च अब सिर्फ 2 दिन दूर रह गई है. आरबीआई की कार्रवाई के बाद भारी संकट का सामना कर रही पेटीएम अभी भी उस बैंक का नाम तय नहीं पाई है, जिसे पेमेंट्स बैंक के अकाउंट दिए जाएंगे. इन पेटीएम मर्चेंट्स को ट्रांसफर करने के लिए फिलहाल एक्सिस बैंक , केनरा बैंक , यस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं. हालांकि, अभी तक पेटीएम की तरफ से किसी का नाम फाइनल नहीं किया गया है. *कार्रवाई के समय 3 करोड़ मर्चेंट्स अकाउंट थे*वन 97 कम्युनिकेशंस के स्वामित्व वाले पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर डिपॉजिट लेने का प्रतिबंध लगाया गया है. पहले इसकी आखिरी तारीख 29 फरवरी थी, फिर इसे बढ़ाकर 15 मार्च कर दिया गया. पेमेंट्स बैंक पर जब कार्रवाई की गई, तब पेमेंट्स बैंक के पास लगभग 3 करोड़ मर्चेंट्स अकाउंट थे. बैंक इन मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने के लिए पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर का काम करता था. मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि किसी एक बैंक का चुनाव होगा या सभी को थोड़े-थोड़े अकाउंट ट्रांसफर किए जाएंगे. फिलहाल इन बैंकों ने भी इस मसले पर चुप्पी साधी हुई है.आरबीआई ने दूर की थीं शंकाएं आरबीआई ने कुछ दिनों पहले ही एफएक्यू जारी कर इस मसले पर कई शंकाएं दूर की थीं. साथ ही मर्चेंट्स और यूपीआई यूजर्स को पेटीएम हैंडल इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी थी. इसके अलावा क्यूआर कोड और प्वॉइंट ऑफ सेल मशीन चलते रहने का आदेश दिया था. आरबीआई की कोशिश है कि 15 मार्च के बाद भी मर्चेंट और कस्टमर्स को कोई दिक्कत न हो.*बैंकों का सालाना खर्च 70 करोड़ तक बढ़ेगा*रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों में इस समय मंथन चल रहा है कि अलग-अलग तरह के मर्चेंट्स को कौन-कौन से बैंक लेंगे. साथ ही इनमें से कितने ट्रांजेक्शन 2000 रुपये से कम के होते हैं. सभी बैंक इस प्रक्रिया पर लगभग 50 से 70 करोड़ रुपये सालाना खर्च होने का अनुमान लगाए बैठे हैं. पेमेंट्स बैंक के अरबों ट्रांजेक्शन को हैंडल करने पर इतना पैसा खर्च होगा।
