*नईदिल्ली:-* केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम सीएए को लागू किए जाने के दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार के इस फैसले के खिलाफ दिल्ली विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय कला संकाय में एकत्रित हुए लगभग 55 छात्रों को पुलिस ने 12 मार्च 2024 को हिरासत में ले लिया. दरअसल, वामपंथ से संबंधित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन आइसा के कई विद्यार्थियों ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा लागू नारिकता संशोधन कानू के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था. *संदेह के आधार पुलिस हिरासत में लिया*आइसा की दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष माणिक गुप्ता ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. उन्होंने आरोप लगाया, ”कई छात्र विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहे थे और कला संकाय के बाहर सिर्फ खड़े थे. उन्हें भी संदेह के आधार पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया.” माणिक गुप्ता से दावा किया कि छात्रों के साथ पुलिस ने अच्छा व्यवहार नहीं किया.*पिटाई का आरोप निराधार: DCP*नॉर्थ दिल्ली के डीसीपी एमके मीणा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”हमने एहतियाती कदम उठाते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी कला संकाय के सामने से लगभग 50 से 55 छात्रों को हटाया, जो सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. उन्हें वहां से हटाया गया और उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ”पुलिस द्वारा छात्रों की पिटाई के सभी आरोप निराधार हैं, क्योंकि हमने सभी की वीडियो रिकॉर्डिंग की है.*जामिया में विरोध प्रदर्शन शुरू*सीएए के विरोध में जामिया मिलिया इस्लामिया सहित अन्य विश्वविद्यालय के परिसरों में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. छात्र संगठनों ने जामिया में संवाददाताओं को संबोधित कर अधिनियम को वापस लेने और उन सभी छात्रों की रिहाई की मांग की, जिन पर लगभग चार वर्ष पहले सीएए को लेकर विरोध-प्रदर्शन की वजह से मुकदमा दर्ज किया गया था. बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को सीएए लागू किया था, जिसका देश के शैक्षिक संस्थानों सहित अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन नये सिरे से शुरू हो गया है।
