कोरबा/पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के दिशा निर्देशन में जिले के सभी थाना-चौकी क्षेत्र अंतर्गत होटल,लॉज, फेरी करने वाले,किराएदारों संदिग्ध व्यक्तियों का जांच अभियान चलाया गया।
पुलिस टीम द्वारा स्पष्ट हिदायत दिया गया होटल,लॉज में रुकने वाले व्यक्तियों की सूची बनाकर थाने में विधिवत तरीके से दिया जाए अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति रुका हो जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दिया जाए।संदिग्धों मुसाफिरों की जांच को लेकर क्षेत्र में घूम-घूम कर सामानों की फेरी करने वाले,सडक किनारे जडी बूटी,कपड़े,खिलौने बेचने तथा गैस चूल्हा रिपेयर करने वालों को तलब कर उनके वास्तविक पते, वर्तमान गतिविधियों मुसाफिरी दर्ज कराने की जानकारी लिया गया। कुछ फेरीवालों ने थाने में मुसाफिरी दर्ज नहीं कराये थे कोरबा पुलिस द्वारा 1990 लोगों को चेक किया गया,597 किरायेदारो को तस्दीक़ किया गया,संदिग्ध अजनबी एस एस रोल तहत 2026 लोगों को चेक किया गया एवं कदाचारी बी सी रोल तहत 39 लोगों को चेक किया गया है।
2026 व्यक्तियों में से 164 उत्तर प्रदेश,216 बिहार झारखंड,94 महाराष्ट्र,89 राजस्थान,85 हरियाणा, 142 उड़ीसा जैसे राज्यो एवं अन्य दीगर जिलों को जारी किया गया है एवं उनके राज्य के नजदीकी थाने में संपर्क करके उनके बारे में जानकारी लिया गया।
थाना प्रभारियों द्वारा फेरीवालों को आपराधिक गतिविधियों से दूर रहकर विधिवत जीवन व्यतीत करने की समझाइश दी गलत काम धंधों में पाए जाने से कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
बाहरी व्यक्तियों को किराए पर रखने वाले मकान मालिकों एवं किराएदारों का सत्यापन कर सूची तैयार की गई। सत्यापन कार्य में लगे पुलिस किराएदारों के आईडी चेक किये उनके काम काज की जानकारी लिया तथा उन्हें अवैधानिक गतिविधियों से दूर रहने की समझाइश दिये।
मकान मालिक की व्यक्तिगत जवाबदारी है कि वह थाने में किराएदार की सूचना दें। मकान मालिकों को हिदायत दिया गया कि मकान किराये पर देने से पूर्व किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराये अगर कोई मकान मालिक नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है। कोरबा पुलिस की अपील है कि सभी अपने किराएदार और नौकरों का संबंधित थाने में जाकर अनिवार्य रूप से वेरिफिकेशन अवश्य करावें। थाने में पुलिस टीम के द्वारा पार्षदों एवं ठेकेदारों की मीटिंग लिया गया जिसमें पार्षदों को बताया गया कि आपके क्षेत्र में मकान मालिक के घर पर किराएदार रखना पर उसका सत्यापन आवश्यक रूप से करवा ले संदिग्ध लोग दिखे तो उसके बारे में पुलिस टीम को सूचित किया जाए, मीटिंग में ठेकेदारों को बताया गया मजदूरों को काम पर रखने से पहले उनकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
