नई दिल्ली:- अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तार के बाद जिस तरह से पूरा विपक्ष एकजुट नज़र आ रहा है ये विपक्षी एकता के लिए भी अहम है. ऐसे में एनडीए के विरोध में विपक्षी एकता अब और मजबूत नजर आ रही है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो केजरीवाल को लोगों की सहानुभूति मिल सकती है जो सत्ताधारी दल के लिए भारी भी पड़ सकता है.
नेहा राठौर ने साधा निशाना
नेहा सिंह राठौर ने भी इसे लेकर बीजेपी पर निशाना साधा और कहा, ‘इन्होंने अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा अतिउत्साह में पहले ही करवा दी. अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी का दांव इन्हें उल्टा पड़ गया और इलेक्टोरल बॉण्ड घोटाले में ये खुद फंसे हुए हैं. अब चुनाव जीतने के लिए ये चीन या पाकिस्तान से युद्ध करेंगे या
फिर देश भर में साम्प्रदायिक दंगे करवायेंगे.
जानें- क्या है शराब घोटाला
सीएम अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें दिल्ली की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया. ईडी ने दावा है कि केजरीवाल कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आबकारी नीति 2021-22 बनाई और इसके जरिए लाभ के बदले में शराब व्यवसायियों से रिश्वत मांगने में शामिल थे.
