रायपुर:- लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में सियासत तेज हो गई है. हिमाचल प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण में चार सीट पर चुनाव होने हैं. लोकसभा चुनाव के साथ प्रदेश में छह विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की भी घोषणा हो चुकी है.
इस बीच कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं में आरोप- प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. हिमाचल प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि बीजेपी नेता प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए तर्कहीन बयानबाजी कर रहे हैं.
राजेश धर्माणी का बीजेपी पर निशाना
कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के 34 विधायक हैं, जबकि बीजेपी के 25 विधायक हैं. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता भ्रमित करने के लिए सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं.
राजेश धर्माणी ने कहा कि बीजेपी नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि 25 विधायकों से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश में किस प्रकार से सरकार बना सकती है. आखिर यह कौन-सा अंक गणित है.
‘लोकतंत्र में धनबल की नहीं…
बीते विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा, साल 2022 में हिमाचल की जनता ने पांच सालों के लिए कांग्रेस के पक्ष में जनादेश दिया है, जिसे बीजेपी ने धनबल से हथियाने का असफल प्रयास किया. यह जनता का अपमान है.” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धनबल की नहीं, जनबल की जीत होगी.
बागी विधायकों पर तंज कसते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि बीजेपी धनबल से बिकाऊ विधायकों को तो खरीद सकती है, लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र के नौ लाख मतदाताओं को नहीं खरीद सकती है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन क्षेत्रों के मतदाताओं पर पूरा विश्वास है कि ये अपना फैसला देकर हमेशा के लिए खरीद फरोख्त और अनैतिक तरीकों से सत्ता हथियाने की कोशिश करने वाले लोभियों को सबक सिखाएगी.
‘खरीद फरोख्त करने वालों को जनता सिखाएगी सबक’
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने दावा किया कि 1 जून को हिमाचल प्रदेश विधानसभा की छह सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं और कांग्रेस पार्टी सभी छह सीटें जीतेगी. उन्होंने कहा कि छह उपचुनाव में से महज एक सीट जीतने से भी कांग्रेस पार्टी को पूर्ण बहुमत मिल जाएगी, लेकिन बीजेपी को पूर्ण बहुमत के लिए 10 सीटें चाहिए.
राजेश धर्माणी ने कहा, हिमाचल की जनता ने साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देकर आशीर्वाद दिया था. अब उपचुनाव में कांग्रेस के पक्ष में सभी छह सीटें जिताकर खरीद-फरोख्त की राजनीति के विरुद्ध फैसला कर ईमान बेचने वालों और धनबल से सत्ता हथियाने की कोशिश करने वालों को सबक सिखाकर प्रदेश में उठापटक की राजनीति पर रोक लगाएगी।
