नई दिल्ली:- भाजपा ने आज अपने संकल्प पत्र से समाज के कई वर्गों को साधने की कोशिश की है। मोदी की गारंटी नाम से जारी इस संकल्प पत्र में पार्टी ने महिलाओं पर खासा ध्यान दिया है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने घोषणापत्र में महिलाओं पर फोकस रखा था।
कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र से भाजपा की कई योजनाओं पर निशाना साधते हुए उसे हटाने का भी वादा किया है। वहीं, भाजपा कांग्रेस के घोषणापत्र को महिलाओं से किए झूठे वादों का पुलिंदा बताती आई है।
आइए, जानें दोनों पार्टियों के घोषणापत्र में महिलाओं को लेकर क्या-क्या वादे किए गए हैं.
भाजपा ने महिलाओं से किए ये खास वादे कांग्रेस ने महिलाओं के लिए की ये घोषणा महिलाओं की सुरक्षा पर जोर:
भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देने के साथ उनके स्वास्थ्य के लिए कई बड़े कदम उठाने का वादा किया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम होगा लागूः इसी के साथ महिलाओं को रिजर्वेशन दिलाने का भी भाजपा ने वादा किया है। भाजपा ने कहा कि वो नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कर चुकी है और अब वो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए इसे व्यवस्थित रूप से लागू करेंगे।
कांग्रेस ने इसी के साथ अपने घोषणापत्र में भाजपा के नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के वादे पर हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि इसमें कई गलत प्रावधानों को जोड़ा गया है। अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो इस अधिनियम को 2029 के बाद ही लागू होने देगी और इन गलत प्रावधानों को हटा देगी।
महिलाओं का स्वास्थ्य सुधारेंगेः महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर जोर देते हुए भाजपा ने एनीमिया, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम और कमी पर केंद्रित मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने का वादा किया है। सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने के लिए भी पार्टी ने एक नई पहल शुरू करने की बात कही। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र की सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसद तक आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
