नई दिल्ली:- नॉर्थ ईस्ट में असम के तिनसुकिया में जनसभा के दौरान उन्होंने चुनावी सभा के दौरान कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सत्ता से हटाया नहीं गया तब देश के संविधान को नष्ट कर दिया जाएगा.
कांग्रेस उम्मीदवार प्रद्युत बोरदोलोई और बीजेपी प्रत्याशी सुरेश बोरा की आलोचना करते हुए असम के धुबरी से सांसद बदरूद्दीन अजमल बोले, इन दोनों नेताओं को संसद में घुसने न दें. आप इन्हें किसी भी कीमत पर चुनाव में जीत हासिल न करने दें.एआईयूडीएफ चीफ ने लोगों से आगे कहा,अमीनुल इस्लाम वहां पर होंगे. ऐसे में आप सब उन्हें वोट दें. अगर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और हिमंत बिस्वा सरमा सत्ता में रहे, तब हमारा संविधान नष्ट कर दिया जाएगा.
विपक्ष भी लोकतंत्र और संविधान बचाने का दे चुका है हवाला
एआईयूडीएफ अध्यक्ष की यह टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई है, जब विपक्षी दलों की ओर से इस बार के आम चुनाव में ‘लोकतंत्र और संविधान की रक्षा’ को बड़ा मुद्दा बनाया गया है. मोदी सरकार से लोहा लेने के लिए बने विपक्ष के इंडिया गठजोड़ ने भी इसे बड़ा मुद्दा बनाया है. अधिकतर पार्टियों के नेता और प्रवक्ता हाल-फिलहाल के समय में कई बार ये कहते दिखे यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए है.
विपक्ष के इस आरोप पर कि सभी संस्थाओं पर बीजेपी का कब्ज़ा है पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मंत्री ने कहा, हमने चुनाव आयोग में सुधार किया है.एक कहावत है – नाच न जाने आंगन टेढ़ा इसलिए कभी ईवीएम का बहाना बनाएंगे। असल में हार के लिए उन्होंने अभी से कुछ तर्क गढ़ने शुरू कर दिए।
विपक्ष के ऐसे आरोपों पर क्या बोले PM नरेंद्र मोदी? जानें, जवाब
विपक्ष कहता आया है कि बीजेपी ने देश की लगभग सभी बड़ी एजेंसियों पर कब्जा कर लिया है. हालांकि, 15 अप्रैल 2024 को प्रसारित हुए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने इस पर कहा- हमने चुनाव आयोग में सुधार किया है. एक कहावत है- नाच न जाने आंगन टेढ़ा, इसलिए कभी ईवीएम का बहाना बनाएंगे. असल में हार के लिए उन्होंने अभी से कुछ तर्क गढ़ने शुरू कर दिए हैं.
