नई दिल्ली :- ज्यादा तला-भुना खाने और एक्सरसाइज न करने की वजह से नसों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा हो जाता है। इसकी वजह से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या हो सकती है। ऐसे में, ब्लड फ्लो सही तरीके से नहीं हो पाता है, जिससे ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती है। अगर आप अपने दिल को मजबूत और सेहतमंद बनाए रखना चाहते हैं, तो नियमित योगाभ्यास शुरू कर दें। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से हार्ट ब्लॉकेज को खोलने में मदद मिल सकती है
भुजंगासन-
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट वाले हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें।
इस स्थिति में 30-60 सेकंड तक रहें।
फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
वृक्षासन-
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर खड़े हो जाएं।
अब अपने दाहिने पैर को घुटने को मोड़ें और दाहिने पैर के तलवे को बाएं पैर की जांघ पर सटाने का प्रयास करें।
इस दौरान अपने बाएं पैर पर शरीर का वजन संतुलित करें और सीधे खड़े रहने की कोशिश करें।
इसके बाद सांस लेते हुए, अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं।
इस स्थिति में 30-60 सेकंड तक रहें।
फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
धनुरासन-
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपने दोनों हाथों को सीधा रखें।
अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें।
अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं।
अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें।
अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं।
फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।
गौमुखासन-
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर अपने दोनों पैरों को आगे करके बैठ जाएं।
अपने दोनों हाथों को बगल में रखें।
अब अपने बाएं पैर को घुटने से मोड़ें।
इसके बाद, अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़ें और बाएं पैर के ऊपर रख दें।
फिर अपने बाएं हाथ को कोहनी से मोड़कर पीठ पर ले जाएं और ऊपर को रखें।
इसी तरह अपने दाएं हाथ को कोहनी से मोड़कर पीछे की तरफ ले जाएं और इससे बाएं हाथ को पकड़ेंहैं।
इस स्थिति में 30 सेकेंड के लिए रहें।
फिर धीरे-धीरे प्रांरभिक अवस्था में लौट आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
