नई दिल्ली:- 2024 मे लोकसभा चुनाव के दो चरण का मतदान हो चुका है। बाकी चरणों के मतदान के लिए विभिन्न पार्टियां रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। इसी बीच राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर दलों द्वारा किए जा रहे तमाम दावे खोखले नजर आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के पहले दो चरणों में इसका उदाहरण देखने को मिला। दोनों चरणों में 2,823 उम्मीदवारों में से केवल 235 यानी आठ प्रतिशत महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। राजनीतिक विश्लेषक इसपर गहरी चिंता जता रहे हैं। महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट भारतीय जनता पार्टी ने दिए हैं। जानिए किस पार्टी से कितनी महिला उम्मीदवार इस चुनाव में हैं।
135 महिला उम्मीदवार थीं चुनाव के पहले चरण में
100 महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा दूसरे चरण में
1625 थी पहले चरण के चुनाव में कुल उम्मीदवारों की संख्या
1198 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा दूसरे चरण में
पहले चरण में 135 महिला उम्मीदवारों में से, तमिलनाडु की हिस्सेदारी सबसे अधिक 76 थी। हालांकि यह आंकड़ा राज्य के कुल उम्मीदवारों का सिर्फ आठ प्रतिशत था। दूसरे चरण में केरल में महिला उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक 24 थी।
दोनों चरणों में भाजपा की तरफ से महिला उम्मीदवारों का प्रतिनिधित्व ज्यादा देखने को मिला। भाजपा ने जहां 69 महिलाओं को मैदान में उतारा वहीं कांग्रेस ने दोनों चरणों में 44 महिलाओं को मौके दिए।
राजनीति में इस लैंगिक असंतुलन पर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दलों को महिला आरक्षण अधिनियम के लागू होने का इंतजार न कर सक्रिय रूप से महिलाओं को मैदान में उतारना चाहिए।
