नई दिल्ली :- भारतीय जनता पार्टी पर तीसरी बार सत्ता मिलने पर संविधान बदलने की आशंका व्यक्त कर रही है, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को उसी के बिछाए जाल में फंसा दिया।
आज प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र में तीन रैलियों को संबोधित किया। पहले सोलापुर में, फिर सातार में, और उसके बाद पुणे में भाजपा एवं राजग प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर देश को बांटनेवाले लोग अब धर्म के आधार पर एससी, एसटी और ओबीसी को संसद और संविधान के द्वारा मिले हुए आरक्षण पर डाका डाल करके धर्म के आधार पर मुसलमानों को देने की योजना बना रही है। उन्होंने कर्नाटक में ऐसा करने की शुरुआत भी कर दी है। वहां मुसलमानों को एक फतवा निकालकर ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण में उन्हें अधिकारी बना दिया।
अब वह संविधान बदलकर यही फार्मूला पूरे देश में लागू करना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस और आइएनडीआइए गठबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि मोदी जब तक जिंदा है, जब तक जनता-जनार्दन का मुझपर आशीर्वाद है, धर्म के आधार पर आरक्षण लागू करने की कोशिश और संविधान बदलने की कोशिश आप पूरी नहीं कर पाएंगे। मोदी ऐसा कभी नहीं होने देगा। लिख के रखना। और जो लोग ये मंसूबे रखते हैं, उन्हें ये देश हमेशा के लिए राजनीति के नक्शे से मिटा देगा।
प्रधानमंत्री ने संप्रग के कार्यकाल में हुए आतंकी हमलों की भी याद दिलाते हुए कहा कि आतंकी हमलों ने मुंबई और पुणे को लहूलुहान कर दिया था। लोग अपने घरों से बाहर निकलते थे, तो उन्हें नहीं पता होता था कि वे अपने घर लौट भी पाएंगे कि नहीं। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले देश में आतंकी हमले होते थे। लेकिन अब नहीं होते। उन्होंने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग यहां आतंकी भेजते थे, उनको आज आटे के लाले पड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने मुस्लिम संगठन पीएफआई पर अपनी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की याद दिलाते हुए कहा कि ये कांग्रेस वाले वोट के लिए उनका सहयोग लेने केरल पहुंच गए। कांग्रेस की इसी तुष्टीकरण नीति के कारण देश में आतंकवाद का हाहाकार मचा रहता था। मोदी ने कहा कि पुणे की धरती साक्षी है कि कांग्रेस के शासनकाल में ही निर्दोष हिंदुओं पर सारा दोष डालने के लिए भगवा आतंकवाद की थ्योरी गढ़ दी थी।
प्रधानमंत्री ने पुणे की सभा में बोलते हुए महाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार पर भी बिना उनका नाम लिए उनपर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 45 साल पहले यहां के एक बड़े नेता ने राज्य में अस्थिरता का जो खेल खेलना शुरू किया, उसके कारण आज तक महाराष्ट्र की राजनीति में अस्थिरता ही बनी हुई है। बता दें कि पुणे जिले की ही एक संसदीय सीट बारामती से शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले एवं उनके भतीजे की पत्नी सुनेत्रा पवार में चुनावी मुकाबला हो रहा है। इससे पहले मोदी ने सातारा में छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले के समर्थन में भी एक रैली को संबोधित किया।
सातारा में छत्रपति शिवाजी महाराज को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में जब उन्हें पार्टी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था, तो उन्होंने महाराष्ट्र के रायगढ़ किले पर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के सामने बैठकर उनसे प्रेरणा ली थी।
इसी रैली में उन्होंने बाबासाहब आंबेडकर को भी याद करते हुए कहा कि वह आज बाबासाहब आंबेडकर के संविधान के कारण ही प्रधानमंत्री बन सके हैं। लेकिन कांग्रेस ने अपने पूरे शासनकाल के दौरान बाबासाहब का संविधान जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होने दिया। जिसके कारण वहां के दलितों-आदिवासियों को अब तक आरक्षण के हक से वंचित रहना पड़ा। ये हक हमारी सरकार ने उन्हें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटवाकर दिलवाया।मोदी ने कहा कि इक्कीसवीं सदी में टेक्नोलाजी का बड़ा उपयोग और महत्त्व है। मैं खुद भी इसका बड़ा समर्थक रहा हूं। मैंने सोशल मीडिया का उपयोग हमेशा जनता-जनार्दन से जुड़ने के लिए किया है। लेकिन आजकल एक बात परेशान करनेवाली है। लोकतंत्र प्रेमी हर व्यक्ति को शर्मसार करनेवाली है।
जो लोग भाजपा और राजग से सच्चाई, मुद्दों और अपने काम के आधार पर आमने-सामने राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं, वे अब सोशल मीडिया पर फेक वीडियो फैला रहे हैं। वे हमारे पार्टी के अलग-अलग नेताओं की आवाज में फर्जी वीडियो बनाकर गलत संदेश फैला रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि उन्हें जब भी कभी कोई ऐसा वीडियो सामने आए, तो वे उसे फारवर्ड करने के बजाय सीधे पुलिस को सूचित करें।
