नई दिल्ली:- कयास लगाए जा रहे थे कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए भी था क्योंकि इस बार अमेठी के कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल को अमेठी से चुनाव लड़ने की पुरजोर अपील कर रहे थे। यहां तक कहा जा रहा था कि राहुल केवल पर्चा दाखिल करके वापस चले जाएं। जिताने का काम अमेठी की जनता कर देगी। वहीं राहुल गांधी ने सभी को चौंकाते हुए अमेठी की जगह रायबरेली से नामांकन कर दिया। अमेठी से कांग्रेस ने किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है उनके सामने स्मृति ईरानी होंगी।
अमेठी से किशोरी लाल शर्मा के कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी से दैनिक जागरण ने खास बातचीत की है
-15 साल तक अमेठी से सांसद रहे राहुल गांधी के इस बार अचानक अमेठी छोड़कर चले जाने पर आप क्या सोचती हैं?
बहुमुखी विकास के सामने वो टिक नहीं पाए। साल 2019 में अमेठी की जनता ने गांधी परिवार को राजनीतिक रणभूमि में त्यागा। आज गांधी परिवार का अमेठी संसदीय क्षेत्र से न लड़ना, इस बात का संकेत हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देश में अमेठी में जो बहुमुखी विकास हुआ है, उसके चलते आज अमेठी की जनता यह कह रही है कि पांच साल तक भारतीय जनता पार्टी के सांसद द्वारा अभूतपूर्ण कार्य हुआ अमेठी में।
चार लाख गरीब परिवारों के लिए शौचालय बने। तीन लाख पचास हजार परिवारों को नल से जल मिला। एक लाख परिवारों को जीवन में पहली बार बिजली का कनेक्शन मिला। एक लाख 14 हजार गरीबों के घर बने। इन पांच साल में जिनमें दो साल कोरोना के थे।
भाजपा के सांसद व सरकार के लिए यह संभव रहा तो पचास साल, विशेषता 15 साल लापता रहने के बाद अमेठी में कई पीढ़ियों की हानि गांधी परिवार ने क्यों की?
आज मैं अमेठी की जनता को नव संकल्प विकास को लेकर भरोसा दिलाना चाहती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार फिर बनने वाली है। प्रदेश में भाजपा की सरकार है। दोनों सरकारों के बीच समन्वय बनाकर हम विकास कार्य करते रहेंगे।
- कांग्रेस ने किशोरी लाल शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है उनसे आपकी लड़ाई कैसी रहेगी?
किशोरी लाल शर्मा को चुनाव में उतारने का मतलब कांग्रेस ने चुनाव छोड़ दिया है। कांग्रेस को एक भी मत देना अपने मत को खराब करना है। लोग अपने महत्वपूर्ण मत को खराब न करें। मोदी व योगी सरकार के विकास कार्यों पर भाजपा को जनता अपना आशीर्वाद देगी।
– पिछले दो आम चुनावों में राहुल गांधी से आपका सीधा मुकाबला हुआ। इस बार राहुल रायबरेली चले गए हैं। इस आप क्या कहेंगी
इस बार अमेठी लोकसभा क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा जाएगा। रायबरेली में दिशा कमेटी के अध्यक्ष रही सोनिया जी, इन तीन वर्षों में मैंने स्वयं देखा कि चाहे वह प्रशासनिक कार्य हो या रायबरेली की जनता की कोई समस्या। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व रायबरेली में जनता की सेवा के लिए उपस्थित नहीं था।
