नई दिल्ली:- आपको बता दे की सुप्रीम कोर्ट ने एक टीचर नियुक्ति मामले में मध्य प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है. साथ ही कोर्ट ने एमपी सरकार पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि एक महिला को ‘संविदा शाला शिक्षक ग्रेड-3’ या समकक्ष पद पर 60 दिन के अंदर नियुक्त किया जाए. कोर्ट ने उल्लेख किया कि महिला ने अगस्त 2008 में ‘संविदा शाला शिक्षक ग्रेड-3’ में चयन के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन उसे कोई नियुक्ति पत्र नहीं जारी किया गया.
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने कहा, ‘यह एक ऐसा मामला है जिसमें राज्य सरकार और उसके अधिकारियों के अड़ियल, मनमाने, दुर्भावनापूर्ण रवैये के कारण अपीलकर्ता को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी.’
पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘31 अगस्त 2008 को संविदा शाला शिक्षक ग्रेड-3 पद के लिए आयोजित चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद, अपीलकर्ता को उसकी सफलता का फल नहीं मिला.’न्यायालय ने श्रीवास्तव की अपील पर अपना फैसला सुनाया, जिन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मई और अगस्त 2022 में जारी किए गए आदेशों को चुनौती दी थी.
