नई दिल्ली:- एजुकेशन सिटी कोटा जहां पर देशभर के दो से ढाई लाख बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग करने आते हैं. ऐसे में कई बच्चे पढ़ाई के प्रेशर को लेकर सदमे में आ जाते हैं और सुसाइड जैसे कदम उठा लेते हैं. ऐसे में कई हॉस्टल और पीजी संचालकों ने स्टूडेंट के रूम में एंटी हैंगिंग डिवाइस लगाई है. लेकिन कोटा शहर में हो रहे सर्वे में लगातार सामने आ रहा है कि कई पीजी में एंटी हैगिंग डिवाइस नहीं लगी हुई है.
जिला प्रशासन लगातार ऐसे लोगों को कार्रवाई के लिए चेतावनी दे रहा है और समझा भी रहा है. बाजार में एंटी हैंगिंग डिवाइस की उपलब्धता नहीं होने के चलते यह मामला चिंता का विषय बन रहा था. ऐसे में बारां रोड स्थित कोरल पार्क क्षेत्र में आस-पास के इलाकों में पीजी संचालित करने वालों को भामाशाहों द्वारा एंटी हैंगिंग डिवाइस निशुल्क वितरित की गई. व्यवसायी सुनील अग्रवाल व नीरज जैन की ओर से ये हैंगिंग डिवाइस वितरण के लिए उपलब्ध करवाई गई.
फ्री वितरण की रही हैंगिंग डिवाइस
सुनील अग्रवाल व नीरज जैन ने बताया कि विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सके इससे समझौता नहीं होना चाहिए. इसे देखते हुए ही आस-पास के सभी पीजी संचालकों से निवेदन किया गया है कि अपने-अपने घरों में एंटी हैंगिंग डिवाइस लगाएं ताकि दुर्घटनाएं न हो. अभी 500 हैंगिंग डिवाइस वितरित की जा रही है. जरूरत हुई तो और अधिक बांटी जाएगी. हैंगिंग डिवाइस वितरण कोरल पार्क के गेट नं.2 के बाहर ऑल स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मुकेश सारस्वत, वरिष्ठ सदस्य रघुवीर सिंह सोलंकी और कोरल पार्क क्षेत्र में हॉस्टल संचालक रविन्द्र सिंह सिंटू, एसके सिंघल, माणिक साहनी और विशाल मित्तल ने ये हैंगिंग डिवाइस वितरित की.
सुसाइड करने वाला बच जाएगा
एंटी हैंगिंग डिवाइस के जरिए 15 किलो से अधिक भार अगर पंखे पर डाला जाएगा तो वह ऑटोमेटिक ही नीचे आ जाएगा. इससे सुसाइड करने वाला बच जाएगा. कोटा में अधिकतर सुसाइड के केस हैंगिंग के द्वारा ही किए जाते हैं. जो कि पंखे से लटक कर कई स्टूडेंट करते हैं यह एक अच्छी पहल है.
