मध्यप्रदेश:- शनिदेव भगवान की पूजा अर्चना का अच्छे से करने से सारे दोष दूर हो जाते है. हिंदू पंचांग के मुताबिक प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन यानी कि अमावस्या तिथि को शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष यह पर्व 6 जून को मनाया जाएगा. वहीं दक्षिण भारत में शनि जयंती वैशाख माह की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. दक्षिण भारत समेत देश के कुछ हिस्सों में वैशाख अमावस्या आज है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस दिन न्याय के देवता शनिदेव की पूजा आराधना करने का विधान है. ऐसा कहा जाता है कि शनि देव की पूजा आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.
शनि जयंती का शुभ मुहूर्त
अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि सनातन धर्म में शनिदेव की पूजा आराधना बड़ा महत्व होता है. ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है. वहीं दक्षिण भारत में शनि जयंती बैसाख माह क अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. वैशाख माह की अमावस्या तिथि पर शनि देव की पूजा आराधना करने का शुभ मुहूर्त 8ः51 बजे तक रहेगा.
ऐसे करें शनिदेव को प्रसन्न
सप्ताह में शनिवार का दिन भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है और इस दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए लोग शनि मंदिर में जाकर विधि विधान से भगवान शनि की पूजा आराधना करते हैं. कहा जाता है कि भगवान शनि जब प्रसन्न होते हैं, तो वह राजा पहले बना देते हैं और तिलक बाद में करते हैं. ऐसी स्थिति में शनि जयंती के दिन शनि मंदिर में जाकर भगवान शनि की पूजा आराधना करनी चाहिए. ऐसा करने से जीवन में आ रही तमाम परेशानियों से मुक्ति मिलती है. साथ ही सुख समृद्धि का वास होता है.
