मध्य प्रदेश:- इंदौर लोकसभा सीट पर सियासी बवाल मचा हुआ है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने 29 अप्रैल को अपना नामांकन वापस ले लिया और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। बता दें कि इंदौर में 13 मई को होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं बचा है।
इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर लोकसभा सीट के उम्मीदवार के आखिरी समय में मैदान से हटने पर कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा कि अगर ‘दूल्हा शादी से पहले भाग गया’ तो यह भाजपा पार्टी की गलती नहीं है।
हमारी गलती क्या थी?
यादव ने बेटमा के पास भाजपा की प्रचार रैली में शनिवार को कहा, ‘कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा ने इंदौर में कुछ गलत किया। हमारी गलती क्या थी? यह पूरे गांव को शादी की दावत में आमंत्रित करने और शादी समारोह से पहले दूल्हे के भाग जाने जैसा है।’
अगर किसी का बच्चा घर से भाग जाता है, तो
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल, स्थानीय मतदाताओं से नोटा बटन दबाने की अपील करके लोकतंत्र का अपमान कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘अगर किसी का बच्चा घर से भाग जाता है, तो इसमें गलती किसकी है? वे आपके बच्चे हैं, आपको उनकी देखभाल करनी चाहिए।’
विपक्षी भारतीय गुट घमंडिया गठबंधन
भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा सांसद शंकर लालवानी के समर्थन में इंदौर शहर में एक रोड शो के दौरान उन्होंने विपक्षी भारतीय गुट को घमंडिया गठबंधन बताया। मुख्यमंत्री ने रोड शो के दौरान कहा, ‘ये अहंकारी लोग 17 लाख साल पहले भगवान राम के समय में लंका में पैदा हुए थे। अपनी बुद्धि के दिवालियापन के कारण, उन्होंने सीता का अपहरण करने के लिए नकली भगवाधारी बनकर खुद को प्रस्तुत किया।’
मतदाताओं से नोटा नहीं चुनने की अपील
मतदाताओं से नोटा चुनने की कांग्रेस की अपील को खारिज करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ‘माता सीता ने ‘लक्ष्मण रेखा’ पार करने की गलती की थी, लेकिन इंदौर के लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि वे किसी भी परिस्थिति में लक्ष्मण रेखा पार नहीं करेंगे।
जीतू पटवारी पर साधा निशाना
इंदौर से आने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में जिले की राऊ सीट पर भाजपा उम्मीदवार मधु वर्मा के हाथों हार झेलने के बाद पटवारी लोकसभा चुनाव लड़ने से डर रहे थे। उन्होंने कहा, दूसरी ओर, 80 साल के कुछ कांग्रेसी नेता भी चुनाव लड़ रहे हैं। सीट बंटवारे के समझौते के तहत कांग्रेस द्वारा खजुराहो लोकसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी के लिए छोड़ने का जिक्र करते हुए यादव ने दावा किया कि इससे पता चलता है कि कांग्रेस चुनाव से डरती है।
