नई दिल्ली:- सरकार के पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस मीडिया कैंपेन स्ट्रेटेजी कमेटी के चेयरमैन हारुन युसूफ ने बुधवार को कहा कि चार जून को आइएनडीआइ गठबंधन की लोकसभा सीटों पर बहुमत से जीत पाने के बाद देश और दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी कांग्रेस की होगी।उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार देश एवं दिल्ली की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। राजधानी में महिलाओं, बुजुर्गों, छोटे बच्चों, लड़कियों के साथ हो रहे आपराधिक मामलों में खासी वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एवं गृह मंत्रालय की निष्क्रियता के कारण दिल्ली क्राइम कैपिटल बन गई है।
कोर्ट परिसर तक में हुईं गैंगवार की घटनाएं
हारून प्रदेश पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ कम्युनिकेशन विभाग के उपाध्यक्ष अनुज आत्रेय भी मौजूद थे। हारुन यूसूफ ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन मीन दुष्कर्म, तीन चार हत्या और लगभग 15 अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। कोर्ट परिसर तक में गैंगवार की घटनाएं हुई हैं।
दिसंबर 2023 में जारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में वर्ष 2022 में 2.99 लाख आपराधिक मामले दर्ज हुए है जो पांच मेट्रो शहरों की तुलना में राजधानी में सबसे अधिक है। 2020-2022 के महिलाओं और बुजुर्गों के प्रति अपराधों में 45 प्रतिशत, बच्चों के साथ अपराधों में 41 प्रतिशत, अपहरण में 39 प्रतिशत, हत्या में नौ प्रतिशत और साइबर क्राइम में 313 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
महिलाओं को दी जाएगी सुरक्षा की गारंटी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र ‘‘न्याय संकल्प पत्र’’ में महिला न्याय के अधिकार मैत्री गांरटी के अंतर्गत महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी। हारुन ने कहा कि इसके बावजूद दिल्ली पुलिस में 13500 पद रिक्त पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि हाथ बदलेगा हालात- दिल्ली की सुरक्षा कांग्रेस की जिम्मेदारी होगी। गठबंधन की सरकार बनने पर हम तुरंत केंद्र सरकार में खाली पड़े 30 लाख पदों को भरेंगे जिसके तहत दिल्ली पुलिस, सुरक्षा संबधी व अन्य विभागों में खाली पड़े पद भरे जाएंगे।
