मध्यप्रदेश:- कई औषधीय गुणों से युक्त शिलाजीत पहाड़ों में मिलने वाला एक खास खनिज है. शिलाजीत को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग तरह की भ्रांतियां हैं. इसके स्वास्थ्य लाभों से कई लोग अब भी अनजान हैं. ये एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक एक्सयूडेट है, जिसके फायदे भारत में लगभग 5000 साल पहले खोजे गए थे. इसे हिमालय में 18000 फीट की ऊंचाई से प्राप्त किया जाता है. शिलाजीत अपनी शुद्धता के लिए जाना जाता है. ये कई खास खनिजों से भरपूर होता है.हालांकि शिलाजीत को ज्यादातर लोग सिर्फ यौन शक्ति बढ़ाने की दवा के रूप में देखते हैं. लेकिन ये सिर्फ ताकत और यौन शक्ति बढ़ाने का ही काम नहीं करता, बल्कि इसके सेवन के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं. हम यहां आपको शिलाजीत से जुड़े कुछ मिथ्स के बारे में बताएंगे, जिनको सच मान लिया गया है. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कपिवा में आरएंडडी की हैड डॉ. कृति सोनी ने कुछ मिथकों को खारिज किया है और इस हिमालयी जड़ी-बूटी के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया है. मिथ-1: पहली भ्रांति यह है कि शिलाजीत का कच्चे रूप में ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए, क्योंकि शुद्ध करने से इसके औषधीय गुण घट हो जाते हैं.हालांकि यह बिल्कुल भी सच नहीं है कि शिलाजीत का सेवन कच्चे रूप में किया जाना चाहिए. यह सोचना भी गलत है कि शिलाजीत को साफ या प्योर करने पर उसमें मौजूद पोषण मूल्य नष्ट हो जाएंगे. दरअसल, शिलाजीत का सेवन शुद्ध और असंसाधित रूप में ही किया जाना चाहिए, क्योंकि ये काफी ज्यादा विषैला हो सकता है. शिलाजीत एक रॉक एक्सयूडेट और एक नेचुरल कपाउंड है, जो पहाड़ों की चट्टानों के अंदर पाया जाता है. इसमें सीसा, आर्सेनिक और कैडमियम आदि तथा कई भौतिक और रासायनिक अशुद्धियां होती हैं, जिसकी वजह से आयुर्वेदिक तरीकों से इसे शुद्ध करना जरूरी हो जाता है. शुद्ध करने से इसमें मौजूद जहरीले पदार्थ दूर हो जाते हैं.मिथ-2: दूसरी भ्रांति यह है कि शिलाजीत का नियमित रूप से सेवन नहीं करना चाहिए.सेवन से जुड़े इस मिथ को तोड़ना बहुत जरूरी है. शिलाजीत का रोजाना सेवन करना पूरी तरह से ठीक रहता है. इसे बहुत से लोग एनर्जी बढ़ाने और बाकी स्वास्थ्य लाभों को हासिल करने के लिए काफी मामूली मात्रा में लेते हैं. क्योंकि वे सोचते हैं कि यह नुकसान कर सकता है. इसके रोजाना सेवन के कई फायदे हैं. हालांकि इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह जरूर लें.मिथ-3: तीसरी भ्रांति यह है कि शिलाजीत वियाग्रा का अच्छा सब्स्टीट्यूट है.जबकि ऐसा नहीं है. शिलाजीत में टेस्टोस्टेरोन के लेवल को बढ़ावा देने की शक्ति है, जो कामेच्छा में सुधार ला सकती है. हालांकि आप इसका वियाग्रा की तरह इस्तेमाल करने की उम्मीद नहीं कर सकते. शिलाजीत किसी भी तरह से वियाग्रा की जगह नहीं ले सकता है. डॉक्टरों द्वारा सलाह दिए जाने के बाद ही वियाग्रा का इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं. हालांकि शिलाजीत पूरी तरह से नेचुरल होता है और शरीर पर इसके कई फायदे होते हैं. यौन शक्ति को बढ़ावा देने के अलावा शिलाजीत त्वचा को चमकदार और हेल्दी बनाने का भी काम करता है. मिथ-4: चौथी भ्रांति यह है कि गर्मी में शिलाजीत का सेवन नहीं करना चाहिए.जबकि शिलाजीत का गर्मियों में सेवन किया जा सकता है. हालांकि आपको गर्मियों में इसका सेवन करने से पहले अपना डाइजेशन सिस्टम, मेटाबोलिक रेट और लाइफस्टाइल के तरीकों पर विचार करना चाहिए. खराब डाइजेशन सिस्टम वाले लोगों को गर्मियों के दौरान शिलाजीत की खुराक कम कर देनी चाहिए. हर किसी को शिलाजीत का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए.
