Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » धार्मिक और वैज्ञानिक के अनुसार,ऐसे हुई थी भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष की उत्पत्ति एक रुद्राक्ष बदल देगा आपकी किस्मत जानिए …
    समाचार

    धार्मिक और वैज्ञानिक के अनुसार,ऐसे हुई थी भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष की उत्पत्ति एक रुद्राक्ष बदल देगा आपकी किस्मत जानिए …

    By Tv 36 HindustanMay 19, 2024No Comments4 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली :- अध्यात्मिक मान्यता है कि रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से हुई थी। इसलिए शिवजी की उपासना में रुद्राक्ष के प्रयोग को धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। यह मान्यता भी है कि रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति से देवाधिदेव महादेव सर्वाधिक प्रसन्न रहते हैं। आइए जानते हैं, कैसे हुआ था रुद्राक्ष का जन्म और इससे जुड़ी पौराणिक कथा?किंवदंतियों के अनुसार, त्रिपुरासुर नामक दैत्य को अपनी शक्ति का बहुत घमंड हो गया था। इस वजह से उसने धरती लोक के साथ साथ देव लोक में भी हाहाकार मचा दिया था। त्रिपुरासुर को कोई भी देवता या अस्त्र परास्त नहीं कर पा रहे थे, जिस वजह से वह सभी भोलेनाथ के पास अपनी प्रार्थना लेकर पहुंचे और उन्होंने त्रिपुरासुर के आतंक से मुक्ति के लिए महादेव से विनती की। देवता जब कैलाश पर्वत पर पहुंचे तब उस समय भगवान शिव योग मुद्रा में अपने नेत्रों को बंद कर गहन तप में लीन थे।

    जब भगवान शिव ने अपना नेत्र खोला तब उनकी आंखों से कुछ अश्रु छलक कर धरती पर गिर गए, जिससे रुद्राक्ष के वृक्ष का जन्म हुआ। जहां-जहां भगवान शिव के आंसू गिरे, वहां-वहां रुद्राक्ष के वृक्ष उग आए। इसलिए रुद्राक्ष को भगवान शिव के तीसरे नेत्र का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। इसके बाद भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से त्रिपुरासुर का वध किया और उसके अत्याचारों से सभी को मुक्त कराया।

    रुद्राक्ष की जन्म से जुड़ी एक और पौराणिक कथा
    एक अन्य किंवदंती के अनुसार, जब माता सती ने अग्नि में स्वयं को समाहित कर आत्मदाह किया था। तब महादेव अत्यंत विचलित हो उठे थे और उन्होंने माता सती के शरीर को लेकर तीनों लोकों में विलाप करते हुए विचरण किया था। इस दौरान भगवान शिव जिस-जिस स्थान से गुजरे वहां उनके आंसू गिरते रहे और जहां-जहां भगवान शिव के अश्रु गिरे, वहां-वहां रुद्राक्ष के वृक्ष का जन्म हुआ। वृक्ष में लगे फलों को रुद्राक्ष के नाम से जाना गया।

    भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष के 14 प्रकार हैं। इनमें से एक मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है। दो मुखी रुद्राक्ष अर्धनारीश्वर, तीन मुखी रुद्राक्ष को अग्नि का स्वरूप माना जाता है। चार मुखी रुद्राक्ष को ब्रह्म, पांच मुखी रुद्राक्ष को कालाग्नि और 6 मुखी रुद्राक्ष को कार्तिकेय का स्वरूप मानकर पूजा जाता है। इसके साथ 7 मुखी रुद्राक्ष को कामदेव, 8 मुखी रुद्राक्ष को भगवान श्री गणेश और भगवान कालभैरव का स्वरूप माना जाता है।शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि 9 मुखी रुद्राक्ष मां भगवती और शक्ति का स्वरुप है। 10 मुखी रुद्राक्ष दसों दिशाओं और यम हैं, 11 मुखी रुद्राक्ष को साक्षात भगवान रुद्र का स्वरूप माना जाता है। 12 मुखी रुद्राक्ष सूर्य, अग्नि और तेज, 13 मुखी रुद्राक्ष विजय और सफलता और अंत में 14 मुखी रुद्राक्ष को भगवान शंकर का स्वरूप माना गया है।

    रुद्राक्ष से जुड़े कुछ चमत्कारी रहस्य
    धर्म ग्रंथो में यह बताया गया है कि जिस घर में रुद्राक्ष की पूजा की जाती है, वहां सदैव माता लक्ष्मी वास करती हैं। साथ ही रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ रुद्राक्ष पहनने से मानसिक परेशानियां व हृदय रोग जैसा खतरा भी टल जाता है। जो व्यक्ति नितदिन रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ नमः शिवाय’ महामंत्र का जाप करता है। उन्हें भगवान शिव का आशीर्वाद जरूर प्राप्त होता है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि रुद्राक्ष धारण करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है।

    रुद्राक्ष का वैज्ञानिक महत्व
    वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रुद्राक्ष को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। रुद्राक्ष में ऐसे वानस्पतिक गुण होते हैं जो शारीरिक जल स्पर्श से विद्युत शक्ति पैदा करते हैं। मंत्रों का जाप करते समय जब उंगलियों में रुद्राक्ष का स्पर्श होता है तो शरीर के अंदर रोग से लड़ने की शक्ति जागृत होती है, जिससे आक्रामक रोगों से मुक्ति प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

    Post Views: 480

    chhattisgarh Chhattisgarh Chhattisgarh police Hindi khabar Hindi news hindinews india Raipur Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleलोकसभा सीट का सियासी रोमांचक इतिहास,इस परिवार का जीरो से हीरो तक का ऐसा रहा सफर इतने लोग बने उम्मीदवार…
    Next Article लड़के कान खोल कर सुन ले ऐसी कन्याओं से कभी ना करें शादी,वरना आपकी जिदंगी बर्बाद होने मे देर नहीं लगेगी…
    Tv 36 Hindustan
    • Website

    Related Posts

    मुख्यमंत्री सचिवालय में फेरबदल, नए अफसरों को मिली ये जिम्मेदारी…

    June 3, 2026

    पुरूषोत्तम मास में ये है दीपदान का महत्व, जानें कैसे भगवान विष्णु की असीम कृपा से दूर होंगे कष्ट…

    June 3, 2026

    जामुन को क्यों कहा जाता अमृत फल इसके ये फ़ायदे कर देंगे आपको हैरान…

    June 3, 2026

    CM विजय का बड़ा मास्टरस्ट्रोक, कांग्रेस के लिए दिखाई दरियादिली विपक्ष को दिया ये संदेश…

    June 3, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    -Ads-
    -ADS-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • मुख्यमंत्री सचिवालय में फेरबदल, नए अफसरों को मिली ये जिम्मेदारी…
    • पुरूषोत्तम मास में ये है दीपदान का महत्व, जानें कैसे भगवान विष्णु की असीम कृपा से दूर होंगे कष्ट…
    • जामुन को क्यों कहा जाता अमृत फल इसके ये फ़ायदे कर देंगे आपको हैरान…
    • CM विजय का बड़ा मास्टरस्ट्रोक, कांग्रेस के लिए दिखाई दरियादिली विपक्ष को दिया ये संदेश…
    • खेती केवल आजीविका नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार मुख्यमंत्री साय…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?