नई दिल्ली :- रत्नो का संबंध ग्रहों से होता है. इन्हीं रत्नों में से एक रत्न है माणिक्य जिसे अंग्रजी में रूबी स्टोन के नाम से जाना जाता है. रत्न शास्त्र के अनुसार माणिक्य को रत्नों का राजा कहा जाता है. इस रत्न का संबंध ग्रहों के राजा सूर्य से होता है. इसे धारण करने वाले व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है. हालांकि सभी लोगों को माणिक्य शुभ परिणाम नहीं देता है. जानकारी के लिए बता दें कि कोई भी रत्न धारण करने से पहले कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति का पता होना बहुत जरूरी होता है साथ ही ज्योतिषी या फिर विद्वान की सलाह जरूर लें. आइए जानते हैं माणिक्य पहनने के नियम, फायदे और नुकसान के बारे में.
माणिक्य पहनने के फायदे
- रत्न शास्त्र के अनुसार माणिक्य पहनने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है.
- ह्रदय, आंख और पित्त से जुड़ी बीमारियों को दूर करने के लिए माणिक्य पहनना लाभदायक होता है.
- आधिकारिक पद तक पहुंचने के लिए माणिक्य रत्न पहनना फायदेमंद माना जाता है.
- माणिक्य धारण करने वाले व्यक्ति में आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा खूब होती है.
- माणिक्य रत्न पहनने से व्यक्ति को खूब मान सम्मान प्राप्त होता है.
किसके लिए माणिक्य पहनना होता है शुभ?
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष, सिंह और धनु लग्न वाले लोगों के लिए माणिक्य शुभ होता है.
- अगर आपकी कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर है तो माणिक्य धारण कर सकते हैं.
- कुंडली के धन भाव ग्याहरवां भाव, दशम भाव, नवम भाव, पंचम भाव, एकादश भाव में सूर्य उच्च के स्थित हैं तो भी माणिक्य धारण कर सकते हैं।
किन लोगों को नहीं पहनना चाहिए माणिक्य?
- रत्न शास्त्र के अनुसार मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों को माणिक्य नहीं पहनना चाहिए.
- जो लोग लोहे, तेल या कोयले से जुड़ा काम करते हैं उनको भी माणिक्य अशुभ परिणाम देता है.
- जिन लोगों के लिए माणिक्य अशुभ होता है उन्हें हृदय, आंखों से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं.
माणिक्य पहनने के नियम - माणिक्य रत्न को तांबे या सोने की धातु से बनी अंगूठी में पहनना शुभ माना जाता है.
- माणिक्य रत्न धारण करने के लिए रविवार का दिन शुभ माना जाता है.
- माणिक्य रत्न को अनामिका अंगुली में पहन सकते हैं.
- रत्न धारण करने से पहले अंगूठी को गाय के दूध और गंगाजल में शुद्ध कर लें. इसके बाद सूर्य के मंत्रों का जाप करें.
