नई दिल्ली :- आपका बेडरूम घर का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. हर कोई अपना बेडरूम बहुत अच्छे तरीके से और सुंदर बनवाता है. वास्तु शास्त्र में बेडरूम के लिए कुछ नियम बताए गए है जिनका ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है वरना पति-पत्नी में हमेशा अनबन होती रहती है. दरअसल हिन्दू धर्म में वास्तु शास्त्र महत्वपूर्ण माना जाता है. घर में वास्तु के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है, वरना वास्तु दोष लग सकता है. इसी के चलते आज हम आपको बेडरूम से जुड़े वास्तु के नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं.
बेड की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम में बेड की दिशा दक्षिण-पश्चिम होनी चाहिए. कहा जाता है कि इससे पति पत्नी के बीत रिश्ते मजबूत होते हैं. इसके अलावा घर में लकड़ी से बने बेड को ही रखना शुभ माना जाता है.
कमरे की दीवारों का रंग
वास्तु शास्त्र के अनुसार हल्का गुलाबी, पेस्टल रंग, भूरा या हरा रंग बेजरूम की दीवारों के लिए अच्छा माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम की दीवारों का रंग प्रभाव वहां रहने वाले सदस्यों पर पड़ता है
शीशा रखने से बचें
वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम में शीशा रखने से बचना चाहिए. दरअसल शीशा ऊर्जा परावर्तित करता है. बेडरूम में शीश रखने से नेगेटिव एनर्जी का वास होता है और लड़ाई-झगड़े बढ़ने लगते हैं.
साफ-सफाई
बेडरूम में साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. बेडरूम में गंदगी होने से नेगेटिविटी फैलती है जिसका प्रभाव सीधा दांपत्य जीवन पर पड़ता है. इस कारण बेडरूम को हमेशा साफ रखें.
अन्य वास्तु नियम
- बेडरूम में हमेशा सिंगल डोर लगाना ही शुभ माना जाता है.
- बेड के सामने कभी भी प्रवेश द्वार नहीं होना चाहिए, ये अशुभ माना जाता है.
- सोते समय आपका सिर हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा में होना चाहिए.
- कभी भी उत्तर दिशा में बेड नहीं रखना चाहिए. इससे अशुभ परिणाम मिल सकते हैं.
- बेडरूम का प्रवेश द्वार हमेशा उत्तर, पश्चिम या पूर्व दिशा में ही होना चाहिए.
