नई दिल्ली:– आपको बता दे की दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला से छेड़छाड़ करने वाले एक 61 साल के व्यक्ति को अनोखी सजा सुनाई है। कोर्ट ने उसे सिर्फ 30 पौधे लगाने की सजा दी है। व्यक्ति को सजा सुनाने के बाद कोर्ट ने इस केस को क्लोज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया है। न्यायमूर्ति ने इस मामले में आई एक याचिका पर सुनवाई के दौरान ये फैसला लिया है। दरअसल याचिका में धारा 354 के तहत व्यक्ति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति ने कहा कि चूंकि दोनों पक्षों ने मामले को सुलझा लिया है, इसलिए मामले को लंबित रखने से कोई फायदा नहीं होगा। महिला द्वारा समझौते पर सहमति जताने के बाद न्यायमूर्ति ने कहा कि मामले को जारी रखना अदालती प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
जुर्माना लगाने के बजाए दी ये सजा
इसलिए उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाने के बजाय, अदालत ने उसे स्थानीय पार्क या वसंत कुंज पुलिस स्टेशन, दक्षिण के इलाके में तीन फीट की ऊंचाई वाले 30 पौधे लगाने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों को पौधों की देखभाल करनी होगी। पौधे लगाने के निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में याचिकाकर्ता को दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को 30,000 रुपए का हर्जाना देना होगा।
2016 में लगाया था महिला ने अपमान करने का आरोप
बता दें कि यह घटना नवंबर 2016 की है जब महिला ने याचिकाकर्ता पर उसका अपमान करने का आरोप लगाया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कुछ मतभेदों के कारण एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे अब सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है। न्यायालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मानसिक विकृति से जुड़े जघन्य और गंभीर अपराध या हत्या, बलात्कार और डकैती जैसे अपराध समझौते के बावजूद रद्द नहीं किए जा सकते। हालांकि सिविल विवाद या छोटी-मोटी घटनाओं से जुड़े मामले जिनमें शिकायतकर्ता या पीड़ित को मुआवजा दिया गया हो, अलग स्तर पर आते हैं। दोनों पक्षों से बातचीत के बाद अदालत ने कहा कि वे कार्यवाही समाप्त करना चाहते हैं और समझौता सद्भाव को बढ़ावा देगा तथा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेगा।
