दाल भारतीय आहार का जरूरी हिस्सा है। लोग प्रोटीन और कई पोषक तत्वों से भरपूर दाल को अलग-अलग तरीके से बनाते हैं। कुछ लोग दाल को पकाने से पहले भिगोते हैं, तो कुछ इसे तुरंत कुकर में उबलने के लिए रख देते हैं। जिससे दाल कभी गाढ़ी, तो कभी पतली हो जाती है।
नवभारतटाइम्स.कॉमइस गलती की वजह से दाल से निकल जाता है सारा प्रोटीन, ICMR ने बताया पकाने का सही तरीका
नई दिल्ली:- कई बार उबलने के बाद भी दाने कच्चे रह जाते हैं, जिसके बाद कई सीटी लेकर इसे फिर से उबाला जाता है। हालांकि, ICMR ने हाल ही में नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इसमें बताया गया है कि खाना पकाने की विधि और समय खाने की न्यूट्रिशनल क्वालिटी को प्रभावित करता है। दाल के साथ भी कुछ ऐसा ही है। दाल को गलत तरीके से पकाने से इसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
दाल पकाने के दो तरीके हैं बेस्ट
पहले के जमाने में लोग मिट्टी के बर्तन या गहरे बर्तन में दाल उबालते थे। आज भी कुछ लोग यह तरीका अपनाते हैं। आईसीएमआर के अनुसार, दाल पकाने के लिए बॉइलिंग और प्रेशर कुकिंग दाल की गुणवत्ता को बरकरार रखने के बेहतर तरीके हैं ।
ये दो तरीके फाइटिक एसिड को कम करते हैं। बता दें कि फाइटिक एसिड कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और आयरन जैसे मिनरल्स को अवशोषित होने से रोकते हैं
ज्यादा न उबालें दाल
कई लोग दाल को बहुत ज्यादा उबाल लेते हैं। पर ऐसी दाल में न तो स्वाद होता है और न ही ये हेल्दी होती है। इसलिए दालों को ओवर बॉइल करने से बचना चाहिए। ज्यादा उबालने से दालों में मौजूद प्रोटीन की क्वालिटी खराब हो सकती है।
दाल उबालते समय कितना पानी डालें
कई लोगों की शिकायत होती है कि उनकी दाल में पानी ज्यादा हो जाता है या कई बार दाल सूखी रह जाती है। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार, दाल उबालते समय पर्याप्त पानी डालना चाहिए। सिर्फ इतना कि दाल पानी में भीग जाए। इससे उबलते समय कुकर से पानी बाहर नहीं निकलता और पोषक तत्व भी बरकरार रहते हैं।
दाल को ज्यादा उबालने के नुकसान
दाल को ज्यादा उबालने से प्रोटीन की गुणवत्ता में कमी आती है।
दाल को ओवर बॉइल करने से इसमें पाए जाने वाले विटामिन बी और सी नष्ट हो जाते हैं।
यह तरीका दाल की न्यूट्रिशन वैल्यू को कम कर देता है।
ज्यादा पकाने से दाल की बनावट और स्वाद बदल जाता है।
ओवर बॉइल करने से सभी पोषक तत्व सीटी आने के दौरान निकले पानी में बह जाते हैं।
जिससे दाल में पोषक तत्व की मात्रा कम हो जाती है
तो, दाल को कितनी देर उबालें
ICMR का सुझाव है कि दाल को तब तक पकाना चाहिए, जब तक की वह नरम ना हो जाए। पर ध्यान रखें कि ये गूदेदार न हो। दाने दिखने चाहिए, वो भी पके हुए।
दाल और मटर के दाने: 20-30 मिनट
साबुत फलियां और चने : 60-90 मिनट पहले से भिगोए हुए हों तो 30-40 मिनट
प्रेशर कुकिंग में दाल और मटर के दाने- 5-10 मिनट
साबुत फलियां और चने: 15-25 मिनट , पहले से भिगोए हुए हों तो 10-15 मिनट
दाल उबालते समय पानी का अनुपात कितना होना चाहिए
एक कप सूखी दाल को उबालने के लिए तीन से चार कप पानी का उपयोग कर सकते हैं।
प्रेशर कुकिंग के लिए, एक कप सूखी दाल में 2-3 कप पानी का उपयोग करना चाहिए।
