नई दिल्ली:– ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन बेहद लाभकारी माना जाता है। यह तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से निपुण होता है। ऐसा कहा जाता है यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए भी सर्वश्रेष्ठ होता है। ऐसे में इस विशेष अवसर उनकी विधि अनुसार पूजा करें। साथ ही स्नान-दान करें।
ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस बार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा 22 जून, 2024 को मनाई जाएगी, तो चलिए कुछ ज्योतिष उपाय पर नजर डालते हैं
यदि आपकी शादी में लगातार मुश्किलें आ रही हैं, तो पूर्णिमा व्रत के दिन बरगद के पेड़ पर लाल रंग का कलावा 7 बार लपेटकर बांधें। इसके साथ ही बरगद के पेड़ में दूध अर्पित करें। इसके बाद बरगद के पत्ते पर मनचाहे वर की इच्छा लिखें या बोलें। फिर उस पत्ते को अपने बेडरूम की अलमारी में रख दें। इस उपाय को करने से आपका विवाह जल्द होगा।
अगर आपका वैवाहिक संबंध अच्छा नहीं चल रहा है और उसमें लगातार दूरियां बढ़ती जा रही हैं, तो आपको पूर्णिमा के दिन बरगद के पेड़ की विधि अनुसार पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही सुहाग की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। फिर उस सामग्री को किसी सुहागिन स्त्री को दान में देना चाहिए। ऐसा करने से आपका दांपत्य जीवन मधुर रहेगा।
चंद्र देव अर्घ्य मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।
