नई दिल्ली:– भारत के शीर्ष 30 शहरों में रहने वाली महिलाओं की निवेश प्राथमिकताएं पिछले कुछ वर्षों में बदल गई हैं. अधिक से अधिक महिलाएं म्यूचुअल फंड, स्टॉक और यहां तक कि स्टार्टअप जैसे नए निवेश विकल्पों को चुन रही हैं. एक्सिस म्यूचुअल फंड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बी30 शहरों में महिलाएं म्यूचुअल फंड के अलावा पारंपरिक निवेश जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट और गोल्ड को प्राथमिकता देती हैं.
इसके विपरीत, टी30शहरों में रही महिलाएं म्यूचुअल फंड, स्टॉक और यहां तक कि स्टार्टअप में भी पैसा लगाने को बेहतर मानती हैं. एक्सिस म्यूचुअल फंड ने अपने 1 करोड़ से अधिक ग्राहकों के डाटा को एनालइज कर “महिला निवेश व्यवहार रिपोर्ट 2024” पेश की. स्टडी से पता चलता है कि लगभग 72% महिला निवेशक अब स्वतंत्र निवेश निर्णय लेती हैं. रिपोर्ट वित्तीय स्वायत्तता और विकास हासिल करने के लिए महिला निवेशकों द्वारा अपनाए गए सक्रिय दृष्टिकोण पर प्रकाश डालती है.
एक्सिस एएमसी के एमडी और सीईओ, बी गोपकुमार ने जोर कहा, “म्यूचुअल फंड उद्योग एक गतिशील बदलाव के दौर से गुजर रहा है क्योंकि अधिक लोग, विशेष रूप से महिलाएं, अपनी वित्तीय रणनीति के हिस्से के रूप में म्यूचुअल फंड में निवेश करना पसंद कर रही हैं. एक्सिस एमएफ निवेशकों के निवेश पैटर्न पर हमारे शोध से पता चलता है कि एक्सिस म्यूचुअल फंड के कुल ग्राहकों में 30% महिलाए हैं, जबकि कुल एयूएम में उनकी हिस्सेदारी 35% है.”
आम धारणा से अलग महिला निवेशक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की मजबूत समर्थक के रूप में उभर रही हैं. रिपोर्ट कहती है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक निवेश कर रही हैं और उनका जमा फंड भी पुरुषों से अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार, यह दिखाता है कि महिलाएं लॉन्ग टर्म सोच रही हैं. 5 साल के अंतराल में म्यूचुअल फंड में उनकी नियमितता पुरुषों से अधिक है. महिलाओं की लंबी अवधि यह सोच न केवल उनके लिए वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता को दर्शाता है बल्कि बड़े स्तर पर अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभदायक है.
