Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » इस वजह से दुर्योधन की पत्नी ने अर्जुन से किया था विवाह…….
    News

    इस वजह से दुर्योधन की पत्नी ने अर्जुन से किया था विवाह…….

    By Tv 36 HindustanJuly 4, 2024No Comments6 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    दुर्योधन की पत्नी का नाम भानुमति थावह ना केवल सुंदर थी बल्कि बेहद चतुर भीकहा जाता है कि अर्जुन उसे पहले पसंद थेमहाभारत के मुख्य पात्र दुर्योधन के बारे में बहुत लिखा और कहा गया है लेकिन क्या आपको मालूम है कि उनकी पत्नी कौन थी, जिसे वह बहुत प्यार करते थे. उसका महाभारत के युद्ध में पति समेत कौरवों की मृत्यु के बाद क्या हुआ. दुर्योधन की पत्नी का नाम भानुमति था, जो अपूर्व सुंदरी थी. आंचलिक कथाओं में ये कहा गया कि जब दुर्योधन नहीं रहा तो भानुमति ने अर्जुन से विवाह कर लिया. कहा जाता है कि दुर्योधन से विवाह करने से पहले वह मन ही मन अर्जुन को चाहती थीं.

    हालांकि अर्जुन से विवाह के कोई पुख्ता साक्ष्य महाभारत या उसकी उत्तर कथा वाले ग्रंथों में नहीं मिलते.महाभारत के मुताबिक दुर्योधन की पत्नी का नाम भानुमति था. महाभारत में दुर्योधन की पत्नी का तीन बार ज़िक्र मिलता है. शांति पर्व में बताया गया है कि दुर्योधन ने कर्ण की मदद से राजा चित्रांगद की बेटी भानुमति का स्वयंवर से अपहरण करके विवाह कर लिया था. बाद में, स्त्री पर्व में भी दुर्योधन की सास गांधारी ने भानुमति का ज़िक्र किया है. भानुमती के एक बेटा और एक बेटी थी.शांति पर्व में ऋषि नारद दुर्योधन और कर्ण की मित्रता के बारे में एक कहानी सुनाते हुए बताते हैं कि किस तरह कर्ण की मदद से दुर्योधन ने कलिंग राजा चित्रांगद की बेटी का अपहरण कर शादी की थी.भानुमति जितनी सुंदर थी उतनी ही चतुर भी, उसे मालूम था कि कौरवों और पांडवों के युद्ध के बाद उसके पति और उनके भाई नहीं बचेंगे. उसने पति से युद्ध नहीं करने का अनुरोध भी किया.

    ताजिंदगी कृष्ण की पूजाभानुमति के बारे में उल्लेख हुआ है कि वह ताजिंदगी कृष्ण की पूजा करती रही. बेशक उसके पति दुर्योधन ने कई बार कृष्ण को खरीखोटी सुनाई, अपमान भी किया लेकिन भानुमति के लिए वह हमेशा आराध्य रहे. यहां तक कि पति के निधन के बाद भी वह उनकी भक्त बनी रही.महाभारत के स्त्री पर्व में दुर्योधन की मां गांधारी , कृष्ण से अपनी पुत्रवधू का वर्णन इस प्रकार करती हैं. भानुमति के बेटे का नाम लक्ष्मण था, जो खुद महाभारत के युद्ध में मारा गया. बेटी का नाम लक्ष्मणा था.गांधारी कृष्ण से कहती हैं, हे कृष्ण! देखो, ये दृश्य मेरे पुत्र की मृत्यु से भी अधिक दुःखदायी है.

    दुर्योधन की प्रिय पत्नी महाबुद्धिमान कन्या है, देखो वह कैसे अपने पति और बेटे के लिए विलाप कर रही है.महाभारत युद्ध के बाद भानुमति नहीं चाहती थी कि आगे भविष्य में कोई युद्ध हो, लिहाजा कृष्ण के कहने पर उसने अर्जुन से विवाह कर लिया था, हालांकि इसका उल्लेख मुख्य कथाओं में नहीं मिलता (

    क्यों किया था अर्जुन से विवाहअब सवाल ये उठता है कि भानुमति ने पति दुर्योधन के सबसे बड़े दुश्मन पांडु पुत्र अर्जुन से क्यों विवाह कर लिया. भानुमति जितनी रूपवती थी, उतनी ही चतुर भी. कहा जाता है कि जब महाभारत का युद्ध तय हो गया, तब भानुमति को पता था कि कौरवों का सर्वनाश हो जाएगा. अपने कुनबे को बचाने के लिए उसने ही भगवान श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब को अपनी पुत्री लक्ष्मणा को भगाकर ले जाने की युक्ति सुझाई.कृष्ण के बेटे साम्ब से रचाई बेटी की शादीएक अन्य कथा के अनुसार साम्ब जब लक्ष्मणा का अपहरण कर फरार हो गया तो भानुमति ने दुर्योधन को अपने अपहरण की याद दिलाई और साम्ब से लक्ष्मणा के विवाह में अहम भूमिका निभाई.

    भानुमति ने अपने कुनबे को बचाने के लिए हर वो असंगत कार्य किया, हर उस चीज को जोड़ा, जिसका जुड़ना संभव नहीं था. इसीलिए कहीं का ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमति ने कुनबा जोड़ा. संबंधित कहावत बनी.हालांकि ये बात एकदम सच है कि विवाह पूर्व भानुमति अर्जुन को पसंद करती थी और महाभारत के युद्ध के बाद कौरव वंश के बचे लोगों और बच्चों को बचाने के लिए उसने पांडवों से बेहतर संबंध बनाए रखने के लिए सबकुछ किया.

    (क्या कृष्ण ने कराया भानुमति और अर्जुन का विवाहपुत्र की मृत्यु से लक्ष्मणा को गहरा झटका लगा था, महाभारत के युद्ध में अभिमन्युू के हाथों दुर्योधन के पुत्र की मृत्यु हुई थी. इसके बाद भी भानुमति को मालूम था कि खुद को सुरक्षित रखने के लिए अर्जुन से विवाह कर लेना चाहिए. भगवान कृष्ण ने इसमें खास भूमिका अदा की. उन्होंने अर्जुन और भानुमति का विवाह कराया.दुर्योधन से शादी के पहले वह अर्जुन को ही पसंद करती थीइसके पीछे एक कहानी और कही जाती है कि भानुमती शल्य की बेटी थी, जो नकुल और सहदेव के चाचा थे. वह पहले अर्जुन से ही शादी करना चाहती थी. जब स्वयंवर हुआ तो अर्जुन उसमें आए ही नहीं, तब उसने पिता की इच्छा थी कि वह दुर्योधन से शादी करे तो उसने वैसा ही किया लेकिन पति के निधन के बाद अर्जुन की नौवीं पत्नी बनना पसंद किया. इसकी वजह ये भी थी कि अब कोई लड़ाई नहीं हो और कुनबे में शांति बनी रहे.पांडव भी करते थे भानुमति का सम्मानमहाभारत में युद्ध के बाद की उत्तर कथा ज्यादा नहीं मिलती, लिहाजा किसी बड़े ग्रंथ में अर्जुन और भानुमति के विवाह की कोई जानकारी नहीं मिलती.

    लेकिन ये बात एकदम तय है कि महाभारत युद्ध में भीम के हाथों दुर्योधन की मृत्यु के बाद पांडवों ने भानुमति का सम्मान किया. वह अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित थी. उसने कौरव और पांडव परिवारों को एकजुट करने की कोशिश की. कुछ जानकारियां ये भी कहती हैं कि वह पति के निधन के बाद विधवा रहीं.कथाएं ये भी कहती हैं कि भानुमति ने अपने ससुराल में रहकर धृतराष्ट्र की सेवा की. धृतराष्ट्र के साथ गंगा नदी के किनारे रहकर तपस्या की.बाद में भानुमति ने गंगा में समाधि ले ली.भानुमति को जब लगा कि दुर्योधन उस पर शक ना करेएक तमिल लोककथा है, जिसमें बताया गया कि दुर्योधन के कहने पर कर्ण अक्सर भानुमति की देखभाल के लिए उसके पास आ जाता था. कर्ण और भानुमती ने पासा खेलना शुरू किया. धीरे-धीरे कर्ण जीतने लगा. इसी बीच दुर्योधन लौटा. कमरे में प्रवेश किया. पति को अंदर आते देख भानुमती सम्मान से खड़ी हो गई. कर्ण को पता नहीं लगा.

    उसको लगा कि भानुमति इसलिए उठ गई क्योंकि हारना नहीं चाहती.कर्ण ने भानुमती की शॉल पकड़कर खींचा तो शॉल के मोती बिखर गए. इससे भानुमति की स्थिति बहुत विचित्र हो गई, वह स्तब्ध हो गई कि अब पति पता नहीं क्या सोचेगा और करेगा. तब दुर्योधन ने समझदारी का परिचय देते हुए दोनों को अप्रिय स्थिति से बचा लिया. उसने पत्नी से कहा, “क्या मुझे सिर्फ मोतियों को इकट्ठा करना चाहिए या क्या आप चाहेंगी कि मैं उन्हें भी पिरोऊँ?” दरअसल दुर्योधन को अपनी पत्नी पर बहुत विश्वास था.

    शिवाजी सावंत के उपन्यास मृत्युंजय में , जो कर्ण के जीवन पर आधारित है, उसमें लिखा है कि भानुमती की एक दासी थी जिसका नाम सुप्रिया था, जो उसके बहुत करीब थी. जब दुर्योधन और कर्ण ने भानुमती का अपहरण किया तो सुप्रिया भी साथ चली आई.

    Post Views: 3,115

    Because of this Hindi khabar Hindi news hindinews india Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleज़िद, जुनून और जज़्बे के साथ टीमभावना से मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में शीर्ष में ले जायेंगे- उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल….
    Next Article यूआईडीएआई ने नए आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में किया बड़ा बदलाव ……
    Tv 36 Hindustan
    • Website

    Related Posts

    पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार सीएम साय…

    April 24, 2026

    हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को चुनौती देने वाली याचिका…

    April 24, 2026

    RBI का बड़ा एक्शन, इस Payments Bank का लाइसेंस रद्द, ग्राहकों में मची हलचल…

    April 24, 2026

    नाबालिग के साथ दरिंदगी, घर के बाहर से दरिंदो ने किया अगवा, 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 की तलाश जारी…

    April 24, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    -ADS-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार सीएम साय…
    • हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को चुनौती देने वाली याचिका…
    • RBI का बड़ा एक्शन, इस Payments Bank का लाइसेंस रद्द, ग्राहकों में मची हलचल…
    • नाबालिग के साथ दरिंदगी, घर के बाहर से दरिंदो ने किया अगवा, 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 की तलाश जारी…
    • यहां मिली 500 साल पुरानी तालपत्र पांडुलिपि, आयुर्वेद का खजाना सामने…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?