नई दिल्ली:- अमरुद, नीम और मोरिंगा में टेनिन कांटेंट और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. बारिश के दिनों में तीनों पेड़-पौधे की पत्तियां बकरियों को आहार में देते रहना चाहिए. ऐसा करने से पेट में कीड़े नहीं होंगे. पेट में कीड़े की समस्या बकरे और बकरियों में बहुत ही परेशान करने वाली बीमारी है.
बकरियों के पेट में अगर कीड़े होंगे तो उसके चलते बकरे और बकरियों की ग्रोथ नहीं हो पाएगी. पशुपालक जितना भी बकरे और बकरियों को खिलाएंगे वो उनके शरीर को नहीं लगेगा. खासतौर पर जो लोग बकरियों को फार्म में पालते हैं और स्टाल फीड कराते हैं उन्हें इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए.
बकरियों को चारे में सहजन की पत्तियां देना चाहिए. सहजन की 100 ग्राम पत्तियों में 9.40 ग्राम प्रोटीन, 1.40 ग्राम वसा, 8.28 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है. सहजन की पत्तियों को बकरियां आसानी से पचा भी लेती हैं. सहजन की पत्तियों से बकरियों के वजन में तेजी बढ़ोतरी होती है.
बारिश के दिनों में आपको आमतौर पर नीम गिलोय दिख जाएगा. यह नीम के पेड़ पर ही पाया जाता है. शायद इसीलिए इसे नीम गिलोय भी कहा जाता है. यह स्वाद में कड़वा होता है. अगर हम नीम गिलोय की पत्तियां बकरी के बच्चों को खिलाएं तो उनके शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत आ जाएगी. इस कारण बकरियां जल्द बीमार भी नहीं होंगी. और बकरियों की मृत्य दर भी कम हो जाएगी.
