नई दिल्ली:– विधानसभा और लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस एक बार फिर संगठन में जान फूंकने की कोशिश में है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शनिवार और रविवार को चली मैराथन बैठक के बाद संगठन की मजबूती और जनता के बीच पकड़ बनाने के लिए रणनीति बनी।
पार्टी ने तय किया है कि भाजपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाएगा। विभागवार गड़बड़ी का तथ्यात्मक चिट्ठा तैयार कर पार्टी शहर से लेकर गांव तक जाएगी। हर विभाग का प्रजेंटेशन तैयार कर जनता को दिखाया और बताया जाएगा।
इसके अतिरिक्त लगातार सदस्यता अभियान चलेगा। कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं को पार्टी में अब किसी सूरत में जगह नहीं मिलेगी। पार्टी का दूसरा सबसे अधिक जोर नया नेतृत्व विकसित करने पर रहेगा। हर अंचल में अलग-अलग वर्ग का नया नेतृत्व तैयार किया जाएगा। इसमें अधिक से अधिक युवाओं को मौका दिया जाएगा
मंथन” बैठक में शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा के पराजित प्रत्याशियों और विधायकों से शनिवार को राय ली थी। लिखित में भी उनकी राय जानने के लिए प्रश्न पूछे गए थे। रविवार को राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक हुई, जिसमें जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, डा. गोविंद सिंह, सीडब्लूसी मेंबर कमलेश्वर पटेल उपस्थित आदि हुए। छिंदवाड़ा में चुनाव होने की वजह से कमल नाथ बैठक में शामिल नहीं हुए। दोनों दिन रात 12 बजे तक चली बैठक में एक-एक की बात को जितेन्द्र सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने सुना। दो दिन की बैठक के बाद रणनीति तैयार की गई है।
संगठन को मजबूत करने के लिए यह करेगी कांग्रेस
- प्रदेश की नई कार्यकारिणी कांग्रेस के संविधान के अनुसार बनेगी। यह पहले की तरह बहुत बड़ी नहीं होगी। जो पद जितनी संख्या में निर्धारित हैं, उतने पदाधिकारियों को ही मौका दिया जाएगा।
- राज्य स्तर के पदाधिकारियों के दौरा कार्यक्रम पीसीसी से बनाए जाएंगे।
- जिला इकाइयों को अपना अधिक ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों में लगाना होगा।
- चार वर्ष तक सशक्त विपक्ष की भूमिका पार्टी निभाएगी।
- हर स्तर पर सामंजस्य बनाकर काम करना है।
कांग्रेस की नई कार्यकारिणी 10 से 15 दिन में होगी घोषित
प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि 10-15 दिन में प्रदेश की नई कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी पूरे जज्बे और मजबूती के साथ एक बार फिर जनता की आवाज बनेगी। विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों और विधायकों ने कई नए आइडिया दिए हैं। राजनीतिक मामले की समिति में शामिल सदस्यों ने सभी सुझाव दिए हैं। इस आधार पर संगठन में बदलाव किया जाएगा। जनता के बीच पहुंचने के लिए अभियान चलाए जाएंगे। जितेन्द्र सिंह ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भितरघात करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अलग-अलग विषय पर 10-10 नेताओं के समूह ने किया मंथन,15 दिन बाद होगी बैठक
बैठक में रविवार को वरिष्ठ नेताओं की अध्यक्षता में 10-10 विधायक व अन्य नेताओं के सात समूह बनाए गए थे। समूहों ने अलग-अलग विषय पर मंथन कर प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह को सुझाव दिए। यह समूह विचारधारा और प्रशिक्षण, संगठन की मजबूती और विस्तार सहभागिता और समन्वय, कार्यक्रम क्रियान्वयन व निगरानी, मोर्चा और संगठन, संगठन, पारदर्शिता और अनुशासन, महिला भागीदारी वोट बैंक और संसाधन थे।
समूह के सदस्यों के सुझाव लेने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो लोग पार्टी से चले गए वह विचारधारा से अलग हो चुके हैं, उन्हें लेने की आवश्यकता नहीं है। अजय सिंह ने कहा, अनुशासन ऊपर से नीचे की होना चाहिए और पारदर्शिता नीचे से। कोई भी हो अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की जाए। सचिन यादव ने सुझाया कि जो लोग कांग्रेस छोड़ निर्दलीय लड़े, भले ही अच्छी स्थिति में रहे पर उन्हें दोबारा टिकट न दिया जाए।
अरुण यादव ने सुझाव दिया कि मोर्चा व संगठनों को दिए कामों की निगरानी राज्य स्तर से होनी चाहिए। समिति में नकुल नाथ भी थे, पर बाहर होने के कारण शामिल नहीं हो पाए। 15 दिन बाद फिर इन्हीं विषयों पर एक बार जितेन्द्र सिंह की उपस्थिति में बैठक होगी, जिसमें सुझावों को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा। पूरी तैयारी है कि छह माह में कांग्रेस संगठन नए रूप में आ जाए।
