नई दिल्ली:– चांदीपुरा नामक वायरस काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरस की चपेट में लगभग 30 लोग आ चुके हैं। जिनमें से 15 मरीजों की मौत हो गई है। सभी मरीजों में एक जैसे लक्षण के कारण सभी मौतों को चांदीपुरा वायरस से होने की संभावना जताई जा रही है।
इस वायरस की चपेट में गुजरात के पंचमहल, जामनगर, साबरकांठा, अरावली, महिसागर, खेड़ा, मेहसाणा, राजकोट, सुरेंद्रनगर, अहमदाबाद, गांधीनगर और मोरबी जिले आ चुके हैं। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के भी जिलों में इसका प्रकोप फैल चुका है।
क्या है ये बीमारी
इस वायरस का सबसे आम लक्षण बुकार है। शरुआती तौर पर आम बुखार जैसा लगने वाला काफी जानलेवा है। इसके चपेट में आते ही तीव्र इंसेफेलाइटिस होती है। इस वायरल को रैबडोविरिडे परिवार के वेसिकुलोवायरस जीनस का सदस्य बताया जा रहा है। जो की आमतौर पर कीट-पतंग, बालू मक्खी और मच्छरों के काटने से होता है।
इस वायरस का प्रकोप साल 2003-2004 में आंध्र प्रदेश और गुजरात में देखा गया था। जिससे की 56-75 प्रतिशत तक मृत्यु दर पहुंच गई थी। एक बार फिर से बढ़ते मामले ने लोगों को चिंता और भय में डाल दिया है। सरकार द्वारा भी इस मामले की निगरानी की जा रही है। साथ ही जल्द से जल्द मरीजों को राहत प्रदान करने का आदेश दिया गया है।
कैसे पड़ा ये नाम
इस वायरस के इतिहास की बात करें तो सबसे पहले ये 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा में फैला था। जिसने 9 महीने से 14 साल के बच्चे को चपेट में लिया था। जिसके बाद से इस वायरस का नाम इसी गांव के नाम पर रख दिया गया। अब इसे आमतौर पर लोग चांदीपुरा वायरस ही कहते हैं। इसके प्रमुख लक्ष्णों में बुखार, उल्टी, दस्त और सिर दर्द शामिल है।
