उत्तर प्रदेश:– राजनीति में इन दिनों भूचाल आया हुआ है जिसके कई कारण है। लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण है यूपी में चल रहा नेमप्लेट विवाद। यूपी में नेमप्लेट विवाद अब इतना बढ़ चुका है जिसकी गर्माहट अब पूरे देश में देखने को मिल रही है। विपक्ष तो विपक्ष अब एनडीए के सहयोगी दल भी इस मामले में यूपी सरकार का विरोध कर रहे है। हो भी क्यों ना क्योंकि अब ये मुद्दा किसी की रोजी रोटी पर जो आ चुका है। चलिए आपको विस्तार से बताते है।
सावन के पवित्र मौसम में कांवड़ यात्रा के लिए योगी सरकार एक फरमान लेकर आती है जिसमें ये कहा जाता है कि सावन ये इस महिने में कावड़ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले सारे दुकानों पर नाम लिखना आनिवार्य होगा।
योगी सरकार के इस फैसले ने पूरे देश की सियासत को गर्म कर दिया। यूपी सरकार के इस फैसले से कई दुकानदार प्रभावित हुए। जिसके बाद अब जाकर प्रभावित दुकानदारों ने अपने कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए कहा है। योगी सरकार का ये फैसला अब इन कर्मचारियों के लिए रोजी-रोटी पर आ चुकी है।
दुकानदारों की बढ़ी बेचैनी
योगी सरकार के नेमप्लेट वाले फैसले के बाद मुजफ्फरनगर में दुकानदार कांवड़ मार्ग पर दुकानों पर अपने नाम के बैनर लगा रहे हैं। कांवड़ यात्रा तक ढाबों से मुस्लिम कर्मचारियों को भी हटाया जा रहा है। तो सवाल ये बनता है कि जो कर्मचारी वहां कई सालों से ढाबों में काम करके अपना घर चलाते थे उनका क्या होगा? सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभाव तो उन्हें पड़ने वाला है
