नई दिल्ली:- मोदी सरकार 3.0 का पहला यूनियन बजट आज पेश होने जा रहा है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ देर में केंद्रीय बजट 2024-25 पेश करेंगी. वैसे तो हर वर्ग को प्रतिवर्ष बजट से कई उम्मीदें रहती हैं कि उस बजट से उन्हें कुछ फायदा होगा, लेकिन हर बार बजट में कभी खुशी, कभी गम की स्थिति बनती है. इस बार जब बजट आने वाला है तो उससे हर वर्ग को कई उम्मीदें हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश को भी बहुत कुछ मिलने वाला है. मोदी का खजाना खुलने के बाद मोहन यादव की भी झोली भरने वाली है.
सीतारमण लगातार 7वीं बार बजट पेश करेंगी जो किसी भी वित्तमंत्री के लिए एक रिकॉर्ड होगा. इससे पहले, मोरारजी देसाई ने लगातार 6 बार केंद्रीय बजट पेश किया था. दिलचस्प बात यह है कि मोरारजी देसाई ने रिकॉर्ड 10 बार बजट पेश किया था, जबकि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 9 बार बजट पेश किया था.
मध्य प्रदेश के लिए बजट में क्या कुछ, सिंहस्थ पर फोकस
सिंहस्थ 2028 के लिए मोहन यादव सरकार ने प्रारंभिक कार्य योजना बना ली है. सिंहस्थ की तैयारियों के लिए करीब 18000 करोड़ का खर्च आने वाला है. सरकार के सामने सबसे बड़ी समस्या पैसों को लेकर है. मोहन सरकार की पूरी नजर केंद्रीय बजट पर टिकी हुई है. केंद्र से सिंहस्थ के लिए बजट में बड़ी घोषणा हो सकती है. मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के पेश किए गए बजट में सिंहस्थ 2028 के लिए इस वित्तीय वर्ष में पहले से ही 505 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है. सरकार का पूरा फोकस सिंहस्थ पर बना हुआ है.
मध्य प्रदेश समेत देश के युवाओं के लिए वित्त मंत्री की बड़ी घोषणा
फर्स्ट जॉब करने वाले युवा जिनकी सालान सैलरी 1 लाख तक होगी उन्हे सरकार फाइनेंशियल सपोर्ट देगी. EPFO में जैसे ही एकाउंट खुलेगा उसमें मोदी सरकार 15 हजार रुपए डाल देगी. छात्रों के लिए एजुकेशन लोन का प्रावधान होगा जिन्हे किसी योजना का बेनिफिट नहीं मिल रहा.
आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर शिवराज का ट्विट
व्यापारियों को बजट में जीएसटी को लेकर भी सरलीकरण की आशा है. जीएसटी की सरकार द्वारा तय स्लैब में कुछ चीजें रीअरेंज होना चाहिए क्योंकि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें 18 पर्सेंट में आना चाहिए. जो 18 पर्सेंट में है उसमें से कुछ चीज़ें 12% और 12 पर्सेंट वाली कुछ चीज़ें 5% जीएसटी के स्लैब में आना चाहिए. सरकार को टैक्स फ़ॉर्म को भी चाहे डायरेक्ट हो या इन डायरेक्ट टैक्स दोनों कॉमर्स को सरल करना चाहिए. इसके लिए कोई ऐसी नीति बनायी जाए जिससे राजकोषीय घाटे को बैलेंस करते हुए विकास बिना रुके और आसान कर प्रणाली उपलब्ध हो सके. इससे ज़्यादा से ज़्यादा लोग गवर्मेंट को टैक्स देने के लिए जुड़ सकेंगे.मध्यप्रदेश में अलग-अलग व्यापारियों की अपनी अपनी राय है लेकिन कुछ मुद्दों पर ज्यादातर व्यवसायी एक मत हैं. व्यापारी वर्ग इस बार केंद्र सरकार के बजट को 3 प्रमुख रूपों में देख रहा है. आयकर, जीएसटी और रेलवे.
मिल सकती है कई ट्रेनों की सौगात
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 22 जुलाई को रेल क्षेत्र के विभिन्न प्रोजेक्ट, रेल लाइन विस्तार व ट्रेनों की संख्या बढ़ाने जैसे विषयों को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की है. केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र के कुछ स्थानों पर रेल लाइन की बढ़ोतरी, कई नई ट्रेनों के परिचालन, कुछ पुरानी ट्रेन जो बंद हो गई हैं उनका पुनः परिचालन, कई ट्रेनों के क्षेत्र के स्टेशन पर रोकने की मांग की है. साथ ही सिंधिया ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन के निर्माण को लेकर विशेष चर्चा की.
