नई दिल्ली:– प्रेग्नेंसी के दौरान एक अच्छी डाइट सबसे जरूरी होती है. लेकिन अक्सर इस दौरान एक बात और भी कही जाती है वह यह कि अगर गर्भ में लड़का है तो चटपटा और लड़की है तो मीठा खाने का मन करता है. आइए जानें इन बातों में कितनी सच्चाई है?
दरअसल, एबीपी लाइव हिंदी ने ‘मिथ vs फैक्ट्स’ को लेकर एक सीरिज शुरू किया है. इस सीरिज के जरिए प्रेग्नेंसी को लेकर समाज में जितने भी मिथ है. जिसे लोग सच समझकर फॉलो करते हैं हम उनका लॉजिकल तरीके से जवाब देने की कोशिश करेंगे.
‘मिथ vs फैक्ट्स’ सीरिज में हम ऐसे मुद्दों को उठाते हैं. उसके तह तक जाने की कोशिश करते हैं. जिससे अक्सर बोलचाल की भाषा में लोग इस्तेमाल करते हैं. जैसे हमारे समाज में प्रेग्नेंसी को लेकर कई सारी ऐसी बातें है जिसे डॉक्टर मिथ मानती है. इस Myth VS Truth सीरिज के जरिए ऐसी बातों को तथ्य के साथ हम आम जनता के साथ पेश करेंगे. ताकि आप दकियानूसी झूठी बातों के दलदल में न फंसे.
प्रेग्नेंसी में अगर किसी महिला को मिठाई खाने की क्रेविंग है तो लड़का और मीठा खाने की क्रेविंग तो लड़की होती है. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्चा आपका बड़ा होकर मीठा खाने का शौकीन हो सकता है लेकिन पेट में रहते हुए वह कैंडी, चॉकलेट के लिए आपको बैचेन नहीं करेगा. इसलिए यह बातें पूरी तरह से गलत है.
क्यों होती है प्रेग्नेंसी क्रेविंग?
रिसर्च के मुताबिक 50 से 90 प्रतिशत महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान खास तरह के खाने की क्रेविंग होती है. क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि प्रेग्नेंसी में होने वाले हार्मोनल बदलाव का सीधा असर शरीर पर होता है. हार्मोन्स चेंजेज का असर सीधा गंध और टेस्ट पर पड़ता है. इसी कारण प्रेग्नेंट महिलाओं और मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं को अपने पसंद की खाने की चीजों की इच्छा हो सकती है.
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के शारीरिक चेंजेज होने लगते हैं जिसके कारण शरीर में होने वाले बदलाव को कंट्रोल करने के लिए क्रेविंग होने लगती है.
