नई दिल्ली:- आजकल बच्चे चॉकलेट, टॉफ़ी, कुकीज और स्वीट्स खाना बहुत पसंद करते हैं. कम उम्र में ही बच्चों को इतनी ज़्यादा चॉकलेट या मीठा खिलाना सही है, इससे उनके दांत खराब होने लगते हैं. कैल्शियम की कमी से दांतों में बहुत सारी परेशानियां होती है और बच्चों के दांत कमज़ोर होने लगते है, जिसकी मुख्य वजह है कैविटी. चॉकलेट या मीठा खाने की वजह से बच्चों के दांत में बहुत जल्दी कैविटी लग जाती है, जिसकी वजह से दांतों में दर्द भी होने लगता है. ऐसे में बच्चों को कैविटी से बचने के लिए दांतों को हेल्दी बनाए रखना बहुत ज़रूरी है, आइए हम आपको कुछ टिप्स बताते हैं, जिससे आप बच्चों के दांतों को सड़ने से बचा सकती है..
दिन में दो बार ब्रश करें
सुबह उठने के बाद सबसे पहले अपने बच्चों को ब्रश करने के लिए ज़रूर कहें और रात को सोने से पहले भी बच्चों को ब्रश करवाएं, इससे दांतों में जमा गंदगी बाहर निकल जाती हैं और दांत कमज़ोर नहीं होते हैं.
बच्चों को मीठी चीज़ कम से कम दें
मीठा वैसे भी शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है. इसके साथ ही मीठा खाने से दांतों में बहुत जल्दी कैविटी लगती है और दांतों में पीलापन आ जाता है इसीलिए रात के समय में भूलकर भी मीठा नहीं खाना चाहिए.
तला-भुना कम खिलाएं बच्चों को
बच्चों को तला-भुना खाना कम दें, कम से कम दो बार ब्रश करने के साथ फ्राइड आइटम और बाजार का बेकार तेल दांतों में जमा होता है और कैविटी बढ़ने लगती है.
कैविटी का खतरा
बहुत ज़्यादा ठंडा या गर्म खाना बच्चों को के दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ा देता है. इससे दांतों में सेंसिटिविटी होने लगती है और धीरे-धीरे दांत सड़ने लगते हैं.
गर्म पानी से गरारे करवाएं
यदि आपके बच्चों के दांतों में कैविटी हो गई है या कीड़ा लग गया है तो बच्चों के मुंह की सफ़ाई विशेष रूप से करें, गर्म पानी से गरारे करवाएं और इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे कुछ भी ऐसा न खाएं, जो दांतों को नुक़सान देता हो. आप गर्मी पानी में नमक डालकर भी गरारा कर सकते हैं इससे दांतों का दर्द कम हो जाता है.
