नई दिल्ली:– इन दिक्कतों को न समझें बुढ़ापे की निशानी
कोई भी इंसान बुढ़ापे को रोक नहीं सकता। आजकल 30 के बाद ही बुढ़ापे के लक्षण दिखने शुरू होने लगते हैं। सिरदर्द रहना, हाथ-पैर में कमजोरी, आंखों की रोशनी कम होना, याद न रख पाना जैसी दिक्कतें बुढ़ापा आने की आहट दे सकती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि दिमाग में खून जमने की वजह से भी यह समस्याएं होती हैं।
दिमाग में खून जमना है जानलेवा
दिमाग में खून जमने का मतलब है कि दिमाग को खून पहुंचाने वाली नसों में ब्लॉकेज हो गई है। इसकी वजह से स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज तक हो सकता है। इसलिए इन समस्याओं को इग्नोर नहीं करना चाहिए।
स्ट्रोक के खतरनाक लक्षण
चेहरे के एक तरफ की मांसपेशियां गिरना, मुंह से खाना-पानी निकलना, शरीर के एक तरफ कमजोरी, बोलने-समझने में समस्या, चक्कर आना, बॉडी का असंतुलन, नजर धुंधली होना, निगलने में परेशानी।
इन अंगों में भी जम सकता है खून
पैर या शरीर का निचला हिस्सा, फेफड़ो की नसों में, दिल की नसों में भी ब्लॉकेज हो जाती है। इनकी वजह से डीप वीन थ्रोम्बोसिस, पल्मोनरी एम्बोलिज्म या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
खून करना पड़ेगा पतला
ब्रेन में ब्लड क्लॉट खत्म करने के लिए डॉक्टर की मदद लेनी पड़ती है। लेकिन आप खुद भी कुछ उपाय करके खून पतला कर सकते हैं जिससे दिमाग को खून की सप्लाई शुरू हो जाए। इसके लिए आप 5 चीजों को अच्छी तरह चबाकर खाएं।
अदरक या दालचीनी
अदरक और दालचीनी दोनों की मदद से खून को पतला कर सकते हैं। जहां अदरक में यह काम सैलिसाइलेट्स करते हैं तो दालचीनी का कोमेरिन इसे अंजाम देता है। यह अर्थराइटिस व दूसरी क्रॉनिक इंफ्लामेशन भी दूर करते हैं।
लाल मिर्च और विटामिन ई
लाल मिर्च के अंदर भी सैलिसाइटिस होता है। यह ब्लड सर्कुलेशन में तेजी लाता है। साथ ही विटामिन ई को एक बेहतरीन एंटीकॉग्युलेंट माना जाता है। आप इसके फूड्स या सप्लीमेंट्स ट्राई कर सकते हैं।
हल्दी
हल्दी खाकर खून के थक्के को घोला जा सकता है। 2012 का एक शोध बताता है कि हल्दी एंटी कॉग्युलेंट का काम करता है। यह खून के थक्कों को खत्म करता है और ब्लड पतला करता है। इससे दिमाग मे फिर से ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है।
