नई दिल्ली। कुछ शब्दों का इस्तेमाल, चाहे वे बोले गए हों या लिखे गए हों, सुरक्षा संबंधी को देखते हुए हवाई सफर पर नहीं इस्तेमाल करने चाहिए। जब भी आप एयरपोर्ट पर होते हैं तो गुस्से में या मजाक में ऐसे शब्दों का उपयोग कर लेते है, जो आपके लिए ही मुसीबत का सबब बन जाता है। आप अगर एयरपोर्ट के अंदर ‘इन शब्दों’ को बोलेंगे तो सुरक्षा एजेंसियां आपको सलाखों के पीछे ले जा सकती है। इसका एक उदाहरण कोची एयरपोर्ट है, जहां हाल ही में एक यात्री को संदेह में गिरफ्तार किया गया था। कौन से है वो शब्द जिनका एयरपोर्ट पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए…
धमकी भरी भाषा:ऐसे शब्द जो नुकसान, हिंसा या खतरे का संकेत देते हैं।उदाहरण: बम, विस्फोटक, बंदूक, मारना, अपहरण।यह विडियो भी देखेंअवैध पदार्थ:अवैध दवाओं या पदार्थों से संबंधित शब्द।उदाहरण: ड्रग्स, कोकीन, मारिजुआना, हेरोइन।
आतंकवाद से संबंधित भाषा:आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी कोई भी भाषा।उदाहरण: आतंकवाद, आतंकवादी, जिहाद।होक्स या झूठा अलार्म शब्द:ऐसे शब्द जो झूठे सुरक्षा खतरे या अलार्म को ट्रिगर कर सकते हैं।उदाहरण: होक्स, झूठा अलार्म, नकली बम।
विमानन सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय मानकबता दें कि विमानन सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय मानकों से बंधी होती है। इन मानकों में बम या आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल होने से ही कार्रवाई की एक पूरी प्रक्रिया शुरू हो जाती है। सुरक्षा को देखते हुए ऐसे शब्दों का नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और अगर आप ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते है तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
यूकिलियर बम बोलने पर हुई कार्रवाई4 अप्रैल को जिग्नेश मालन और कश्यप कुमार नाम के दो यात्री को इस मामले में ही गिरफ्तार किया गया था। दरअसल, वह आकासा एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या QP-1334 से अहमदाबाद जा रहे थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान, इन यात्रियों ने गुस्से में न्यूक्लियर बम का शब्द का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों का गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर आईपीसी की धारा 505 (1) (B) और 182 के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई भी हुई थी।
