/प्रयागराज: आपने आजतक कई गांव के नाम देखें और सुने होंगे. कुछ गांव तो अपनी खास चीजों की वजह से फेमस हो जाते हैं. जैसे फिरोजाबाद को चूड़ियों के लिए जाना जाता है. तो अलीगढ़ को तालों के लिए जाना जाता है. लेकिन क्या आपने कभी रसगुल्ले वाले गांव के बारे में सुना है. यह गांव है प्रयागराज में. आइए जानते हैं कि आखिर कैसे इस गांव को रसगुल्ले वाला गांव कहा जाने लगा.रसगुल्ले ने कर दिया इरादत गंज को फेमसऐसे कई गांव हैं, जहां के कोई उत्पाद, कोई जगह या कोई कारीगरी उस गांव को पहचान दिला देती है. प्रयागराज का एक ऐसा ही गांव घूरपुर जसरा के समीप स्थित है. इस गांव का नाम है इरादतगंज बिगहिया.
यह गांव चर्चा में है. क्योंकि इस गांव के सभी लोग मात्र एक व्यवसाय करते हैं और वह है रसगुल्ला का व्यवसाय. प्रयागराज जबलपुर मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस गांव का रसगुल्ला हाईवे के माध्यम से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी अपने स्वाद बिखेर रहा है. इस मीठे रसगुल्ले को लोग पैक करा कर जबलपुर, मुंबई एवं अन्य शहरों तक ले जाते हैं. वहीं, प्रयागराज के आसपास के जिले एवं स्थानीय लोग भी बड़े पैमाने पर यहां रसगुल्ला खाने और पैक करने आते हैं.कैसे बनते हैं यहां मिलने वाले खास रसगुल्लेरसगुल्ले की दुकान लगाने वाले रमेश सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि उनके पूरे गांव के लोग सुबह में रसगुल्ला तैयार करने में लग जाते हैं, जिसको तैयार करने में लगभग 3 घंटे का समय लगता है. वो बताते हैं कि सबसे पहली बार दूध का खोवा तैयार करते हैं. तैयार खोया को वह घी में छाने के बाद राब में डूबा के रखते हैं. इस प्रकार शुद्ध देसी घी में खोवा का शानदार रसगुल्ला तैयार होता है, जो स्वाद में लाजवाब होता है.
ऐसे करते हैं पैकिंगउन्होंने बताया कि इस रसगुल्ला की कीमत ₹20 से लेकर 30 रुपए तक होती है. खास बात यह है कि हमारे यहां के तैयार रसगुल्ले एक सप्ताह तक खराब नहीं होते. इसको पैक करने के लिए कुमार के यहां से स्पेशल बड़े साइज और कलर की हांडी बनवाई जाती है. जिसमें सिल्वर पेपर लगाकर ग्राहकों को दिया जाता है.
