नई दिल्ली. दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल विक्रेता मानी जाने वाली अमेजन द्वारा भारत में किए जा रहे निवेश को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि कंपनी इन्वेस्टमेंट करके भारत पर कोई बहुत बड़ा उपकार नहीं कर रही है. बकौल पीयूष गोयल, यह पैसा केवल कंपनी का घाटा भरने के लिए है और यह जश्न मनाने का कोई कारण नहीं है. उनका बयान ऐसे समय में आया है जब अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जेसी ने 2030 तक भारत में अतिरिक्त 15 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना की रूपरेखा तैयार की है. इससे अमेजन का भारत में कुल निवेश 26 अरब डॉलर हो जाएगा.
बकौल पीयूष गोयल, “जब अमेजन कहता है कि हम भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करने जा रहे हैं तो हम सभी जश्न मनाते हैं. लेकिन हम एक बात भूल जाते हैं कि ये बिलियन डॉलर किसी महान उपकार या भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए किसी निवेश के रूप में नहीं आ रहे हैं. दरअसल, उन्हें उस वर्ष अपनी बैलेंस शीट में 1 बिलिन डॉलर का घाटा दिखा जिसे उन्हें भरना था. गोयल दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.
उन्होंने आगे कहा कि अमेजन को भारी घाटा हुआ क्योंकि वह अपने प्रोडक्ट की कीमतें बहुत कम रख रहा है. गोयल ने कहा, “यदि आप एक वर्ष में 6,000 करोड़ रुपये का घाटा करते हैं, तो क्या आपको नहीं लगता कि यह बहुत कम कीमतें रखने के कारण हो रहा है. वह घाटा किस से हो रहा है? वे, आखिरकार, एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म हैं, उन्हें कानूनी रूप से B2C (बिजनेस टू कस्टमर) करने की अनुमति नहीं है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कानूनी रूप से उपभोक्ता (B2C) के लिए व्यवसाय नहीं कर सकता.”केंद्रीय मंत्री गोयल ने पूछा, “जब वे पकड़े जाते हैं, तो वे उन संस्थाओं को बंद करना शुरू कर देते हैं.
लेकिन वे केवल किसी और संस्था के माध्यम से सभी व्यवसाय को री-रूट करने लगते हैं, यह दिखाने के लिए कि यह (एक) बिजनेस टू बिजनेस (B2B) (लेनदेन) है, लेकिन (वास्तविकता) यह है कि आप सभी इन प्लेटफ़ॉर्म पर खरीदारी करते हैं, है न? आप कैसे खरीदते हैं? इन प्लेटफॉर्म पर B2C की अनुमति नहीं है. वे यह कैसे कर रहे हैं? क्या यह हम सभी के लिए चिंता का विषय नहीं होना चाहिए?” पिछले दो सालों में, अमेजन ने अपने प्लेटफॉर्म पर सबसे बड़े विक्रेताओं में से एक क्लाउडटेल को बंद कर दिया है. क्लाउडटेल अमेजन और इंफोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति के बीच एक संयुक्त उद्यम था. क्लाउडटेल के बंद होने के कुछ महीनों बाद अमेजन ने प्लेटफॉर्म पर एक और शीर्ष विक्रेता, अप्पारियो रिटेल को भी बंद करने का फैसला किया.
अप्पारियो रिटेल को फ्रंटिजो बिजनेस सर्विसेज के तहत रखा गया था और यह अमेज़ और पटनी समूह के बीच एक संयुक्त उद्यम था.क्या है व्यापारियों की रायचांदनी चौक के सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने पीयूष गोयल के बयान को लेकर कहा कि कंपनियों के भारत में काम करने के तरीके को दर्शाता है. उनका कहना है कि ये कंपनियां भारत को एक बनाना रिपब्लिक की तरह मानती हैं. खंडेलवाल ने पीयूष गोयल के बयान की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय बाजार पर कब्जा करने के लिए अस्वस्थ और असमान प्रतिस्पर्धा पैदा करने की विधि को उजागर किया है.
