नई दिल्ली:- रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन धूमधाम से मनाते हैं, कुछ लोग रक्षाबंधन वाले दिन राखी नहीं बांध पाते हैं ऐसे में जन्माष्टमी पर भी इस त्योहार को मनाया जाता है. ये पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है. भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर बहने उसके सुखी जीवन की कामना करती हैं और भाई, बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है.
ये रक्षासूत्र मात्र एक धागा नहीं बल्कि पवित्र रिश्ते की डोर है जो प्यार, विश्वास और सम्मान को दर्शाता है. राखी के बाद अक्सर लोग राखी निकालकर इधर-उधर फेंक देते हैं, ऐसा करना ठीक नहीं. जानें राखी कब उतारनी चाहिए, रक्षाबंधन के बाद राखी का क्या करे.
राखी कब उतारनी चाहिए
रक्षाबंधन के बाद राखी उतारने का कोई दिन या समय निश्चित नहीं है, मान्यताओं के अनुसार, राखी पहनने के 24 घंटे बाद इसे उतार सकते हैं. कुछ जगहों पर जन्माष्टमी के दिन भी राखी उतारने की परंपरा है.
वहीं कई लोग राखी सालभर पहनें रहते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये अशुभ माना गया है. ध्यान रखें कि पितृपक्ष शुरू होने से पहले जरूर राखी उतार दें. माना जाता है कि इस दौरान यदि आप राखी पहनते हैं, तो वह अशुद्ध हो जाती है. इसका जीवन पर बुरा असर पड़ता है.
रक्षाबंधन के बाद राखी का क्या करें ?
राखी बेहद पवित्र धागा होती है. इसे कलाई से उतारने के बाद इसका विसर्जन करना बेहतर होता है. अगर आप राखी का विसर्जन नहीं कर पा रहे हैं तो किसी पेड़ पर बांध सकते हैं या फिर पेड़ की जड़ में इसे गाड़ दें.
अगर राखी टूट गई है तो इसे बहते पानी में प्रवाहित कर देना उचित रहेगा. इधर-उधर फेंके नहीं इससे दोष लगता है. किसी पेड़ की जड़ में भी आप इसे रख सकते हैं.इसके साथ 1 रुपए का सिक्का भी रखें.
