नई दिल्ली:- हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. इसके लिए सभी कृष्णजी के मंदिरों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इस वर्ष 26 अगस्त को जन्माष्टमी है. दिल्ली के द्वारका में सेक्टर 13 स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां और भक्तों के लिए विशेष इंतजाम हो रहे हैं. मंदिर में तीन दिवसीय कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा. जहां भगवान को एक लाख प्रकार के व्यंजनों का भोग लगेगा. 26 अगस्त की शाम 6 बजे कीर्तन होगा. मंदिर के मुख्य प्रभुजी यानी पुजारी से विशेष बातचीत की.
1 लाख व्यंजनों का लगेगा भोग
दिल्ली के द्वारका स्थित ISKCON मंदिर में भी हर साल जन्माष्टमी के मौके कुछ खास होता है. इस बार भगवान कृष्ण को 1 लाख व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा. पूरे दिन मंदिर में कीर्तन का आयोजन किया जाएगा. इस्कॉन मंदिर के प्रभुजी व पुजारी वेद चैतन्य दास ने बताया कि वह मंदिर में बीते 10 वर्षों से हैं. जन्माष्टमी यहां का विशेष पर्व है. इसलिए करीब दो महीने पहले से तैयारियां शुरू हो जाती है. इस बाबत कई बैठकों का भी आयोजन किया जाता है. जन्माष्टमी के दिन यहां भगवान श्री कृष्ण के लिए 1 लाख व्यंजनों का भोग तैयार किया जाएगा.
मंदिर की सजावट के लिए दुनिया भर से सैकड़ों प्रकार के फूल मंगवाए गए
मंदिर की सजावट के लिए दुनिया भर से सैकड़ों प्रकार के फूल मंगवाए गए हैं. इस महामहोत्सव में चार चांद लगाने के लिए जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर यानी 25 अगस्त की शाम को 500 से अधिक स्कूली बच्चे कृष्ण के जीवन और लीलाओं को दर्शाने वाले नाटक प्रस्तुत करेंगे.
वहीं,कई नए चमकते सितारे अपने भावपूर्ण भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे.26 तारीख को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा. लेकिन 25 अगस्त की शाम को भगवान के आदिवास का पर्व मनाया जाएगा. इसमें विशेष रूप से जन्माष्टमी के एक दिन पहले भगवान को उनके नए वस्त्र दिखाए जाते हैं. ताकि वह तैयार रहे कि अगले दिन उनका रूप किस प्रकार का होने वाला है ?
विशेष कार्यक्रमों का आयोजनइस्कॉन मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देखते ही बनता है. चैतन्य दास आगे बताते हैं कि इस बार कुछ नामी यूट्यूबर्स को भी मंदिर में बुलाया गया है, जिसमें आयुष पीयूष नाम के दो बच्चे हैं जो यूट्यूबर्स हैं, उन्हें विशेष निमंत्रण दिया गया है. शाम को उनके द्वारा भी एक विशेष कार्यक्रम की प्रस्तुति की जाएगी. इसके अलावा 26 अगस्त यानी जिस दिन जन्माष्टमी का पर्व है. इस दिन सुबह 4:30 बजे से भक्त भगवान श्री कृष्ण के दर्शन कर सकेंगे. वही सुबह 8:30 बजे वैष्णो महाराज के भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया है.
प्रसिद्ध सच्चिदानंद गौर गुरु और उनकी मंडली द्वारा कीर्तन की प्रस्तुति
जन्माष्टमी के दिन मंदिर में पूरे दिन भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी. इसके बाद शाम होते होते भक्तों के लिए विश्व प्रसिद्ध सच्चिदानंद गौर गुरु और उनकी मंडली द्वारा कीर्तन की प्रस्तुति की जाएगी. कीर्तन आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य है कि मंदिर में आने वाले श्री कृष्ण के भक्तों को जन्माष्टमी के दिन भगवान की भक्ति में झूम कर नृत्य कर सकें. इसके अलावा जन्माष्टमी के दिन बच्चों के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. वहीं मंदिर में जारी निर्माण में सहयोग करने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से अभिषेक और आरती की व्यवस्था की जाएगी.
मुफ्त पुस्तक वितरण
जन्माष्टमी के दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस्कॉन टेंपल पहुंचते हैं. पिछली वर्ष इस मंदिर में करीब 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे. वही इस बार मंदिर प्रबंधन कमेटी का अनुमान है कि 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर में आएंगे.जन्माष्टमी के पर्व पर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त की गई है. मंदिरों में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा यातायात बाधित न हो इसके लिए स्थानीय प्रशासन से बात की गई है।
इस बार मंदिर कमेटी ने निर्णय लिया है कि भगवान की शिक्षाओं पर आधारित पुस्तकों का मुफ्त वितरण भी किया जाएगा. ताकि भक्त उनकी बातों को पढ़कर अपने जीवन को न केवल जन्माष्टमी के दिन बल्कि उम्र भर सफल बना सकें.
मंदिर का इतिहास
पुजारी चैतन्य दास ने बताया की 2012 में इस मंदिर की स्थापना हुई थी. तब से यह मंदिर दिनों दिन प्रगति कर रहा है. स्थापना के दिन से लेकर वर्तमान तक मंदिर में सुबह श्रीमद्भागवत कथा और शाम को भागवत गीता पढ़ी जाती है. वीकेंड पर मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बनती है. लाखों की संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण के दर्शन करने आते हैं. भक्तों की मंदिर से विशेष आस्था जुडी हुई है.
