वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हॉर्वर्ड कैनेडी स्कूल में मोसावर-रहमानी सेंटर फऑर बिजनेस एंड गवर्नमेंट की ओर से आयोजित वार्ता में हिस्सा ले रही थीं। यहां हॉर्वर्ड के प्रोफेसर लॉरेंस समर्स ने भारत में कोयले की कमी से संबंधित खबरों के बारे में सवाल पूछा था। जिसके जवाब में सीतारमण ने कहा कि बिजली मंत्री आरके सिंह कुछ दिन पहले ही बयान दे चुके हैं कि जिसमें उन्होंने कोयले की कमी और बिजली संकट की आशंका जताने वाली खबरों को आधारहीन बताया था।
उन्होंने कहा, ‘बिल्कुल निराधार! किसी चीज की कोई कमी नहीं है। वास्तव में, अगर मुझे मंत्री (आरके सिंह) का बयान याद आता है, तो हर बिजली उत्पादन केंद्र के पास अगले चार दिनों का स्टॉक उसके परिसर में उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला बिल्कुल भी नहीं प्रभावित हुई है।’ सीतारमण ने कहा कि इस तरह की कोई कमी नहीं होने वाली है जिससे बिजली आपूर्ति में कमी हो सकती है। ऐसे में भारत की बिजली को लेकर स्थिति ठीक है। अब हम एक पावर सरप्लस देश हैं।
सीतारमण ने यहां भारत में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान को लेकर कहा कि दशकों से भारत ने धीरे-धीरे अपनी संस्थागत व्यवस्थाएं तैयार की हैं। यहां ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जो उन इलाकों में मरीजों को मूलभूत प्राथमिक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि इन स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को जरूरी टीके लगाए जाते हैं और पोलियो के प्रसार को रोकने में भी इन स्वास्थ्य केंद्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत सरकार ने 100 करोड़ खुराकों का प्रबंधन कैसे किया, इसे लेकर सीतारमण ने कहा कि कोरोना के खिलाफ टीका जैसे ही उपलब्ध हुआ हम इसे लोगों को लगाने के लिए तैयार थे। हम दूर-दराज के इलाकों में भी गए और वहां लोगों को टीके की खुराकें लगाईं। उन्होंने कहा कि टीके को लाने-जाने के दौरान उचित तापमान में रखना हमारे सामने एक चुनौती थी। लेकिन सौभाग्य से जिन दो टीकों का हम उपयोग कर रहे हैं उन्हें लाने-ले जाने में इस तरह की समस्या नहीं आई।