नई दिल्ली. स्मॉल कैप कंपनी जेटीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में जबरदस्त उछाल की उम्मीद जताई जा रही है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस स्टील कंपनी के शेयर में 35 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हो सकती है. चीन की ओर से किए जा रहे आर्थिक प्रोत्साहनों से स्टील सेक्टर को मजबूती मिल रही है, जिसका सीधा असर जेटीएल इंडस्ट्रीज के शेयरों पर देखा जा रहा है.विश्लेषकों के अनुसार, जेटीएल इंडस्ट्रीज अपने उत्पादन क्षमता में तेजी से विस्तार कर रही है, जो इसके लंबे समय के विकास में सहायक साबित होगा.
कंपनी की योजना है कि वित्तीय वर्ष 2025 तक अपनी उत्पादन क्षमता 0.59 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) से बढ़ाकर 1.0 MTPA करेगी और 2028 तक इसे 2.0 MTPA तक पहुंचाएगी. आनंद राठी के सीनियर टेक्निकल रिसर्च मैनेजर गणेश डोंगरे ने कहा, “जेटीएल इंडस्ट्रीज के शेयरों में अभी ओवरबॉट स्थिति है. स्टील शेयरों में उछाल चीन के आर्थिक प्रोत्साहनों के कारण देखा जा रहा है, और यह स्टॉक एक मजबूत ब्रेकआउट के संकेत दे रहा है.”
ब्रोकरेज फर्म की सलाहब्रोकरेज फर्म SMIFS लिमिटेड ने जेटीएल इंडस्ट्रीज के शेयर पर ₹294 का टारगेट प्राइस दिया है और ‘बाय’ रेटिंग दी है. फर्म का मानना है कि शेयर में 37.6% की संभावित वृद्धि हो सकती है. वर्तमान में यह शेयर ₹214 के स्तर पर है.स्टॉक स्प्लिट की घोषणाकंपनी ने 11 अक्टूबर को अपनी बोर्ड मीटिंग में 1:1 स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दी. इसके तहत ₹2 की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर को ₹1 फेस वैल्यू वाले दो इक्विटी शेयरों में विभाजित किया जाएगा. स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड तिथि बाद में घोषित की जाएगी. हालांकि, बोनस शेयर इश्यू के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है.
कंपनी का प्रदर्शन1991 में स्थापित जेटीएल इंडस्ट्रीज, स्टील ट्यूब्स और पाइप्स के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम है. कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को विस्तारित किया है और अब गैल्वनाइज्ड स्टील पाइप्स, सोलर मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर, और बड़े व्यास वाले स्टील ट्यूब्स और पाइप्स जैसे उत्पादों की भी पेशकश कर रही है. SMIFS की रिपोर्ट के अनुसार, जेटीएल इंडस्ट्रीज में दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं मजबूत हैं. कंपनी की क्षमता विस्तार और बढ़ती बाजार मांग के कारण इसके शेयर की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि जेटीएल इंडस्ट्रीज की दीर्घकालिक रणनीति, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और बाजार की मांग को देखते हुए निवेशकों को अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं.
