नई दिल्ली :– ब्लैडर इंफेक्शन एक प्रकार का यूरिन इंफेक्शन होता है। इसमें यूरिनरी सिस्टम का कोई भी हिस्सा शामिल हो सकता है। ब्लैडर इंफेक्शन का सबसे आम कारण बैक्टीरिया है जो कि विशेष रूप से ई कोलाई होता है। इसके लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, पेशाब करते समय दर्द होना या फिर बगल या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना शामिल है।
ब्लैडर क्या है? ब्लैडर पेल्विस में स्थित मांसपेशियों का एक अंग होता है। यूरिन स्टोर करने के अलावा यह उसे बाहर भी निकालता है। दोनों किडनी से यूरिन यूरेटर के द्वारा ब्लैडर में आता है और बाहर निकलने तक वही रहता है। यूरिन बाहर निकलते समय ब्लैडर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती है और वह यूरेथ्रा द्वारा बाहर निकल जाता है
जब बैक्टीरिया मूत्र मार्ग द्वारा शरीर में प्रवेश करता है और ब्लैडर तक पहुंच जाता है तो ब्लैडर इन्फेक्शन हो जाता है। आमतौर पर ब्लैडर इन्फेक्शन के मामले अचानक होते हैं लेकिन कई कुछ मामलों में यह बार-बार हो सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार ब्लैडर इन्फेक्शन के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं
पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होना
पेशाब में खून आना
पेशाब का रंग बदलना
बार-बार पेशाब आना
पेशाब से अधिक बदबू आना
पेट या पीठ के निचले हिस्से में ऐंठन या दबाव महसूस होना
ब्लैडर इंफेक्शन से पीठ के बीच में भी दर्द हो सकता है। यह किडनी के इंफेक्शन से जुड़ा होता है और यह दर्द लगातार हो सकता है। इन लक्षणों के साथ आपको उल्टी, बुखार, ठंड लगना, पेट दर्द या पीठ दर्द की समस्या हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
आमतौर पर बैक्टीरिया के कारण ब्लैडर इन्फेक्शन होता है। यह यूरेथ्रा के जरिए प्रवेश करते हैं और ब्लैडर को संक्रमित कर देते हैं। यह इन्फेक्शन ब्लैडर से होते हुए यूरेटर तक पहुंचता है और अंत में यह किडनी को भी संक्रमित कर देता है। 90% तक ब्लैडर इन्फेक्शन ई कोलाई की वजह से होता है। ई कोलाई बड़ी आंत में मौजूद होता है।
ब्लैडर इनफेक्शन किसी को भी हो सकता है, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं को यह अधिक होता है। क्योंकि पुरुषों में मूत्रमार्ग की लंबाई कम होने के कारण बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश नहीं कर पाता है। वहीं महिलाओं में बैक्टीरिया मूत्राशय तक आसानी से पहुंच जाता है। इसके अलावा महिलाओं का मूत्राशय मलाशय के ज्यादा पास होता है जिससे बैक्टीरिया के लिए मूत्रमार्ग तक पहुंचना बहुत ही आसान हो जाता है। उम्र के साथ पुरुषों में उनकी प्रोस्टेट ग्लैंड का साइज बढ़ता है जिससे यूरिन फ्लो में रुकावट आती है। ऐसे में उन्हें ब्लैडर इन्फेक्शन होने का खतरा अधिक रहता है।
ब्लैडर इंफेक्शन से बचने के लिए व्यक्ति को अपने जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है। अगर आपको बार-बार यह इंफेक्शन हो रहा है तो डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक दवाइयां दे सकते हैं।
रोजाना करौंदे का जूस पिएं
पेशाब रोकने से बचें
हमेशा कॉटन का अंडरवियर पहनें
नहाने के लिए शावर का इस्तेमाल करें
महिलाओं को पेशाब करने के बाद अपने अंग की सफाई ठीक से करनी चाहिए
उचित मात्रा में पानी का सेवन करें
आमतौर पर ब्लैडर इंफेक्शन कुछ दिनों में ठीक हो जाता है लेकिन इसके ठीक न होने पर डॉक्टर मरीज को कुछ एंटीबायोटिक दवाइयां दे सकते हैं।
अगर आपको डायबिटीज या कोई दूसरी बीमारी है तो आपको लंबे समय के लिए एंटीबायोटिक दवा दी जा सकती है।
मेनोपॉज के बाद डॉक्टर अक्सर महिलाओं को एक एस्ट्रोजन युक्त योनि की क्रीम की सलाह देते हैं।
दर्द और बार-बार पेशाब आने की समस्याओं को दूर करने के लिए डॉक्टर कुछ विशेष प्रकार की दवाइयां दे सकते हैं।
